बातचीत पर ठंडा रुख
Tehran से सामने आए ताजा बयान में Ismail Baghaei ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा वार्ता से तुरंत या बड़े नतीजों की उम्मीद करना सही नहीं होगा। यह बयान उन अटकलों के बीच आया है, जिनमें जल्द समझौते की संभावना जताई जा रही थी।
पाकिस्तान की भूमिका की सराहना
Iran ने इस कूटनीतिक प्रक्रिया में Pakistan की भूमिका पर भरोसा जताया है। बघाई ने पाकिस्तान को एक “विश्वसनीय मध्यस्थ” बताते हुए कहा कि उसने अब तक बातचीत को संतुलित तरीके से संभाला है और जटिल हालात में सकारात्मक भूमिका निभाई है।
अमेरिका-इजरायल पर अविश्वास
ईरान ने United States और Israel पर अविश्वास दोहराया है। बघाई ने कहा कि ये देश वादे तोड़ने के लिए जाने जाते हैं, इसलिए ईरान किसी भी लिखित समझौते पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करेगा। उनका कहना है कि देश की सुरक्षा उसकी सैन्य ताकत पर निर्भर करती है।
अमेरिकी बयानों पर प्रतिक्रिया
अमेरिकी नेताओं के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए बघाई ने कहा कि इन्हें बढ़ा-चढ़ाकर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर बयान जरूरी नहीं कि अमेरिका की आधिकारिक नीति को दर्शाता हो।
स्थायी शांति पर फोकस
ईरान ने दोहराया कि उसका लक्ष्य केवल बातचीत करना नहीं, बल्कि ऐसी स्थिति बनाना है जहां युद्ध का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाए। बघाई ने कहा कि तेहरान किसी दबाव में आकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेगा और वार्ता की दिशा अपने नियंत्रण में रखना चाहता है।
