Home » Blog » घरों पर खतरा, ग्रामीण बोले परियोजनाओं ने बिगाड़ा जंगल का संतुलन

घरों पर खतरा, ग्रामीण बोले परियोजनाओं ने बिगाड़ा जंगल का संतुलन

सरगुजा में हाथियों का आतंक: खेत उजड़े, घरों पर खतरा, ग्रामीण बोले- खनन और कोल परियोजनाओं ने बिगाड़ा जंगल का संतुलन

by CG Prime News
0 comments

सरगुजा। Elephant Terror: सरगुजा जिले के उदयपुर और मैनपाट इलाके में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों के खेत और घर रोज हाथियों की चपेट में आ रहे हैं। फतेहपुर, हरिहरपुर और घाटबर्रा गांवों में हाथियों का जमावड़ा बना हुआ है। इसके चलते धान और मक्के की फसल बर्बाद हो रही है, जिससे किसान दहशत और गुस्से में हैं।

हाईवे पर रुका ट्रैफिक

बता दें कि 2 सितंबर यानी मंगलवार को हाथियों का एक दल नेशनल हाईवे 130 पर साल्ही और तारा के बीच से गुजरा। करीब आधे घंटे तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा। वाहन चालक और यात्री हाथियों के गुजरने का इंतज़ार करते रहे।

ग्रामीणों ने कहा – फसल बचा पाना मुश्किल हो रहा है

हाथियों के आतंक से परेशान ग्रामीणों का कहना है कि खेतों की रखवाली करने के बावजूद फसल बचा पाना मुश्किल हो रहा है। कई बार हाथी गांव में घुसकर घरों को भी तोड़ देते हैं। अब तक आधा दर्जन से ज़्यादा किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है।

Elephant Terror: वन विभाग की ड्यूटी

हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने विशेष टीमें बनाई हैं। इन टीमों में वन अधिकारी, रक्षक और हाथी मित्र दल के सदस्य शामिल हैं। रातभर हाथियों की लोकेशन पर निगरानी रखी जाती है। बावजूद इसके, हाथी-मानव संघर्ष बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में हाथियों के हमले से आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

You may also like