Tuesday, July 28, 2026
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लोकसभा में हंगामे के बीच लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश, विपक्ष ने उठाया लाठीचार्ज का मुद्दा

किरेन रिजिजू बोले- कांग्रेस और उसके साथी जानबूझकर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। इतना महत्वपूर्ण बिल है, इस पर चर्चा होनी चाहिए।

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@दिल्ली. भारी हंगामे के बीच लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल सोमवार को सरकार ने पेश किया। इस बीच विपक्ष दिल्ली में नीट पेपर लीक (NEET Paper leak 2026)विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई लाठीचार्ज के मामले पर बहस के लिए अड़ा रहा। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बिल पर चर्चा के लिए सरकार और विपक्षी सांसद सहमति बनाकर आएं। इसके बाद बिरला ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की।

अमित शाह सदन में आकर दें बयान

कांग्रेस का कहना है कि इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान दें। इस वजह से लोकसभा की कार्यवाही दिन में 4 बार स्थगित हुई। जब भी कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस, सपा के सांसद वेल में बैनर लेकर पहुंच जाते और नारेबाजी करने लगते। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, मंगलवार दोपहर 12 बजे चर्चा शुरू हो सकती है।

लोकसभा में हंगामे के बीच लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश, विपक्ष ने उठाया लाठीचार्ज का मुद्दा

लोकसभा में हंगामे के बीच लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश, विपक्ष ने उठाया लाठीचार्ज का मुद्दा


कार्यवाही मंगलवार सुबह तक स्थगित

किरेन रिजिजू बोले- कांग्रेस और उसके साथी जानबूझकर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। इतना महत्वपूर्ण बिल है, इस पर चर्चा होनी चाहिए। ऐसा काम मत कीजिए, आपकी इमेज बहुत गिर चुकी है। बदनाम होने वाला काम मत कीजिए। चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। स्पीकर चेयर पर बैठे कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा, ‘आप चर्चा नहीं करना चाहते हैं। आप देश के युवा के भविष्य लिए चर्चा नहीं चाहते हैं। यदि आपको आज चर्चा नहीं करते हैं तो मैं सभा की कार्रवाई मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करता हूं।

धर्मेंद्र प्रधान का एनडीए (NDA) सांसदों ने स्वागत किया

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद सोमवार को पहली बाहर संसद पहुंचे। एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और संसद भवन के अंदर तक ले गए। सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे भी लगाए। प्रधान ने नीट पेपर लीक विवाद के बीच 25 जुलाई को इस्तीफा दिया था।

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