Thursday, October 29, 2026
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स्कूल में आसाराम की किताब बांटने पर प्राचार्य हटाए गए

बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का मामला

by Dakshi Sahu Rao
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छत्तीसगढ़: स्कूल में आसाराम की किताब बांटने पर प्राचार्य हटाए गए, बच्चों से परीक्षा लेने की भी थी तैयारी

CG Prime News@बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्कूली बच्चों को आसाराम से जुड़ी किताब बांटने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। अभिभावकों की शिकायत और जांच के बाद स्कूल के प्राचार्य महेश प्रजापति को पद से हटा दिया गया है। आरोप है कि कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को ‘संस्कार सरिता’ नाम की किताब बांटी गई थी। बच्चों से इसे पढ़कर आने और इसके बाद परीक्षा देने के लिए भी कहा गया था।

मामला रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का है। किताब में आसाराम की तस्वीरें और उसके कथन होने की बात सामने आने के बाद अभिभावकों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई।

छत्तीसगढ़: स्कूल में आसाराम की किताब बांटने पर प्राचार्य हटाए गए, बच्चों से परीक्षा लेने की भी थी तैयारी

छत्तीसगढ़: स्कूल में आसाराम की किताब बांटने पर प्राचार्य हटाए गए, बच्चों से परीक्षा लेने की भी थी तैयारी


अनुयायियों ने स्कूल पहुंचकर बांटी थीं किताबें

मिली जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर को आसाराम के कुछ अनुयायी रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन प्राचार्य महेश प्रजापति के माध्यम से कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को ‘संस्कार सरिता’ किताबें वितरित कराईं। बच्चों को किताब पढ़कर आने के लिए कहा गया था। साथ ही, किताब पढ़ने के बाद परीक्षा लिए जाने की बात भी कही गई थी। जब इसकी जानकारी अभिभावकों को मिली, तो उन्होंने स्कूल में इस तरह की पुस्तक बांटे जाने पर सवाल उठाए।

अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से की शिकायत

अभिभावकों का आरोप था कि विद्यार्थियों पर किताब पढ़ने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि स्कूल में किसी विवादित व्यक्ति से जुड़ी पुस्तक बच्चों को क्यों बांटी गई और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। अभिभावकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।

बच्चों के बयान के बाद हुई कार्रवाई

जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र निरापुरे के निर्देश पर वाड्रफनगर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) श्याम किशोर जायसवाल जांच के लिए स्कूल पहुंचे। जांच टीम ने अभिभावकों और विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए। बच्चों के बयानों के आधार पर सामने आया कि उन्हें ‘संस्कार सरिता’ किताबें प्राचार्य के माध्यम से दी गई थीं। जांच के बाद 28 अक्टूबर को जिला शिक्षा अधिकारी ने महेश प्रजापति को प्राचार्य के पद से हटाने का आदेश दिया।

 नए प्रभारी प्राचार्य को सौंपी जिम्मेदारी

कार्रवाई के तहत महेश प्रजापति को संयुक्त जिला कार्यालय की शिक्षा शाखा में अटैच किया गया है। उनकी जगह व्याख्याता दुलेश्वर सिंह को रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस घटना के बाद स्कूलों में विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली पुस्तकों की उपयुक्तता और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं।

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