भिलाई/रायपुर। Pressure to transfer maternal property in her name, dowry harassment case filed against advocate husband and father-in-law. दहेज प्रताड़ना मामले में रायपुर महिला थाना ने एक विवाहिता की शिकायत पर उसके एडवोकेट पति और विधायक प्रतिनिधि ससुर के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। शिकायत में मायके की संपत्ति अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाए गए हैं।
यह भी पढ़ेः दुर्ग जनपद CEO सस्पेंड, सुशासन तिहार में BJP नेता से हुआ था विवाद
विवाह के बाद शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार 31 वर्षीय महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका विवाह 29 फरवरी 2020 को भिलाई निवासी अधिवक्ता शिखर परगनिहा से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पति और ससुर द्वारा मायके की अचल संपत्ति में हिस्सा लेकर उसे उनके नाम करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। महिला का आरोप है कि जब उसने इस मांग को स्वीकार नहीं किया, तब उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। कई बार उसे घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया और मायके भेज दिया गया।
संपत्ति को लेकर रखी गई शर्त
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2020 से 2026 के बीच कई बार संपत्ति को लेकर विवाद हुआ। आरोपी पक्ष की ओर से यह शर्त रखी जाती थी कि जब तक मायके की संपत्ति उनके नाम नहीं की जाएगी, तब तक उसे ससुराल में सम्मानपूर्वक नहीं रखा जाएगा। महिला ने अपने स्त्रीधन को भी वापस नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि विवाह के दौरान मिले सामान और अन्य वस्तुएं अब भी ससुराल पक्ष के कब्जे में हैं।
छोटे बच्चे के साथ मायके लौटी महिला
शिकायत के अनुसार मार्च और अप्रैल 2026 में विवाद और बढ़ गया। महिला का आरोप है कि उसे मानसिक रूप से बीमार बताकर अपमानित किया गया तथा संपत्ति को लेकर लगातार दबाव बनाया जाता रहा। स्थिति गंभीर होने पर वह 22 अप्रैल 2026 को अपने छोटे बच्चे के साथ ससुराल छोड़कर मायके आ गई।
पुलिस काउंसलिंग नहीं हुई सफल
पुलिस ने पहले दोनों पक्षों के बीच काउंसलिंग कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी पक्ष के उपस्थित नहीं होने के कारण प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी। प्रारंभिक जांच में शिकायत के समर्थन में पर्याप्त आधार मिलने पर पुलिस ने आरोपी पति और ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
