Tuesday, September 29, 2026
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भिलाई नगर थाने में 343 दोपहिया वाहनों की ऑनलाइन नीलामी, पुलिस को मिले 12.26 लाख रुपये

MSTC ई-ऑक्शन पोर्टल पर तीन लॉट में हुई नीलामी, प्राप्त राशि नियमानुसार शासन के खाते में जमा होगी

by Dakshi Sahu Rao
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भिलाई नगर थाने में 343 दोपहिया वाहनों की ऑनलाइन नीलामी, पुलिस को मिले 12.26 लाख रुपये

CG Prime News@भिलाई. दुर्ग जिले के थाना भिलाई नगर में लंबे समय से जप्त और लावारिस हालत में खड़े 343 दोपहिया वाहनों के निराकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन वाहनों की MSTC (Metal Scrap Trading Corporation Limited) के ई-ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन नीलामी कराई गई। तीन अलग-अलग लॉट में हुई नीलामी से कुल 12 लाख 26 हजार 950 रुपये की राशि प्राप्त हुई है।

तीन लॉट में हुई ऑनलाइन नीलामी

पुलिस के अनुसार, भिलाई नगर थाना परिसर में लंबे समय से जप्त और लावारिस वाहनों के संबंध में आवश्यक वैधानिक और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें नीलामी के लिए रखा गया। MSTC की बिड शीट के मुताबिक वाहनों को तीन लॉट में शामिल किया गया था।

पहले लॉट से 4,24,514 रुपये, दूसरे लॉट से 4,11,054 रुपये और तीसरे लॉट से 3,91,382 रुपये प्राप्त हुए। इस तरह तीनों लॉट से कुल 12,26,950 रुपये की राशि मिली।


नियमों के तहत किया गया वाहनों का निराकरण

दुर्ग पुलिस के मुताबिक नीलामी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार संपन्न कराई गई। नीलामी से प्राप्त राशि को नियमानुसार शासन के खाते में जमा कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि थानों में लंबे समय से पड़े जप्त और लावारिस वाहनों के नियमानुसार निराकरण की कार्रवाई जारी है।

दस्तावेजी प्रक्रिया में पुलिस की भूमिका

इस कार्रवाई में रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा और थाना भिलाई नगर पुलिस की भूमिका रही। पुलिस टीम ने वाहनों के निराकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजी एवं वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के साथ MSTC ई-ऑक्शन प्रक्रिया के समन्वय में काम किया।

वाहन मालिकों से पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने वाहन मालिकों से अपने वाहन के पंजीयन और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि वाहन खरीदने या बेचने के दौरान दस्तावेजों और स्वामित्व का सत्यापन जरूरी है। वहीं, किसी लावारिस या संदिग्ध वाहन की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल नजदीकी पुलिस थाना को सूचना दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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