जशपुर। गौ तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” लगातार असर दिखा रहा है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस ने बीते तीन दिनों में अलग-अलग मामलों में कुल 74 नग गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस दौरान थाना नारायणपुर क्षेत्र से दो गौ तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल है।
नारायणपुर क्षेत्र में 32 गौवंश मुक्त
थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 02.02.2026 की रात्रि ग्राम चटकपुर-बेने के पास पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति बड़ी संख्या में गौवंशों को बेरहमी से पैदल हांकते हुए झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर तस्करों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पीछा कर अमन टोप्पो (20 वर्ष) निवासी ग्राम कजरा, थाना नारायणपुर तथा एक 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया। मौके से 32 नग गौवंश बरामद किए गए, जिनका पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।
मनोरा क्षेत्र में ग्रामीणों के सहयोग से 42 गौवंश बचाए
चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत दिनांक 31.01.2026 की शाम ग्राम केसरा के जंगल में ग्रामीणों की सतर्कता से 42 नग गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया। ग्रामीणों को देखकर तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने सभी गौवंशों को सुरक्षित बरामद कर स्वास्थ्य परीक्षण कराया है।
कानूनी कार्रवाई व पुलिस का संदेश
दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा मनोरा प्रकरण में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया कि गौ तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
