नई दिल्ली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर बने हुए हैं। इस तनाव का असर वैश्विक समुद्री मार्गों पर भी पड़ा है, खासकर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर, जहां आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही
सूत्रों के अनुसार, भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद लेकर जा रहे दो व्यापारिक जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत सतर्क स्थिति में तैनात हैं। आने वाले दिनों में और जहाजों के भी इसी मार्ग से गुजरने की संभावना जताई जा रही है।
एलपीजी से भरे जहाज इंतजार में
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, भारतीय झंडे वाले पांच एलपीजी कैरियर वर्तमान में दुबई और रास अल खैमाह के पास लंगर डाले हुए हैं। इन जहाजों पर 1.7 लाख टन से अधिक एलपीजी लदी हुई है और ये समूह में होर्मुज स्ट्रेट पार करने की तैयारी कर रहे हैं।
ईरान की सख्ती और सीमित अनुमति
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हाल ही में तीन जहाजों को वापस भेजने का दावा किया है, जो उनके अनुसार विरोधी देशों से जुड़े थे। हालांकि, ईरान ने 26 जहाजों को सीमित मार्ग से गुजरने की अनुमति भी दी है, जो लारक द्वीप के पास से होकर गुजर रहे हैं।
वैश्विक व्यापार पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत सहित कई देशों के लिए समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है।
