Thursday, November 5, 2026
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महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में रवि उप्पल UAE में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी

इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस पर कार्रवाई की खबर, जांच एजेंसियां आधिकारिक पुष्टि और प्रत्यर्पण प्रक्रिया में जुटीं

by Dakshi Sahu Rao
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महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के कथित को-प्रमोटर रवि उप्पल की UAE में गिरफ्तारी से जुड़ी खबर

CG Prime News@रायपुर. Mahadev Online Betting App case महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। महादेव के को-प्रमोटर रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर UAE के अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। हालांकि, भारतीय जांच एजेंसियों को गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना मिलने की प्रक्रिया जारी है। एजेंसियां UAE के संबंधित अधिकारियों से इसकी पुष्टि करने के साथ ही रवि उप्पल को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण संबंधी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं।

सौरभ चंद्राकर के भारत आने के बाद नया घटनाक्रम

रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब महादेव ऐप मामले के मुख्य प्रमोटर बताए जाने वाले सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान से भारत लाया गया है। जानकारी के अनुसार, CBI उसे 1 नवंबर को ओमान की अदालत के आदेश के बाद भारत लेकर आई थी। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है।

हवाला नेटवर्क में अहम भूमिका का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, रवि उप्पल पर महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप हैं। एजेंसियों का दावा है कि वह करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन की व्यवस्था संभालता था और छत्तीसगढ़ में विभिन्न लोगों से संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उसके पास थी। बताया जाता है कि 46 वर्षीय रवि उप्पल को वर्ष 2023 में भी UAE में हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई थी। इसके बाद उसके वानुअतु जाने और वहां की नागरिकता प्राप्त करने से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई थीं।


रेड कॉर्नर नोटिस हटवाने की कोशिश रही असफल

जांच के दौरान रवि उप्पल के ठिकाने को लेकर एजेंसियों को कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जनवरी 2026 में उसने इंटरपोल के कमीशन फॉर द कंट्रोल ऑफ फाइल्स (CCF) के समक्ष रेड कॉर्नर नोटिस हटाने की मांग की थी। ED ने इस अपील का विरोध करते हुए उसे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित और फरार आरोपी बताया था। अब UAE में गिरफ्तारी की खबर के बाद महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले की जांच एक बार फिर चर्चा में है।

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