CG Prime News@दुर्ग. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई में 24 अक्टूबर 2026 को छठा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। संस्थान के नालंदा हॉल में हुए कार्यक्रम में कुल 313 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह के मुख्य अतिथि नीति आयोग के पूर्व सदस्य और डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक डॉ. विजय कुमार सारस्वत रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय ने की।
313 विद्यार्थियों को प्रदान की गईं उपाधियां
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं। संस्थान के अनुसार, उपाधि प्राप्त करने वालों में 19 पीएचडी, 37 एमएससी, 79 एमटेक, 8 बीटेक ऑनर्स और 170 बीटेक विद्यार्थी शामिल रहे। इस तरह अलग-अलग शैक्षणिक कार्यक्रमों के विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर नए करियर की दिशा में कदम बढ़ाया।
डिजिटल इंडिया अभियान के अनुरूप संस्थान ने डिजिटल डिग्री प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था भी जारी रखी है। इससे प्रमाणपत्रों के डिजिटल उपयोग को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रियाओं को अपनाने की दिशा में भी मदद मिलती है।

आईआईटी भिलाई की उपलब्धियों और शोध पर चर्चा
संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने स्वागत भाषण के साथ वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ सरकार की संयुक्त पहल से राज्य में आईटी पार्क विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश में तकनीकी नवाचार, उद्यमिता, अनुसंधान और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
निदेशक ने संस्थान में चल रही 191 शोध परियोजनाओं और अनुसंधान एवं विकास के लिए बढ़कर 187 करोड़ रुपये हुए बजट का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को विस्तार देते हुए यूरोप के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौते किए हैं। इनमें आईएमटी नॉर्ड यूरोप, इकोल सेंट्राल डी नांत और ग्राज प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय शामिल हैं।

कृति अरोड़ा और निधि सिंह को मिला स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान दिया गया। बीटेक में सर्वाधिक सीजीपीए हासिल करने पर कृति अरोड़ा को संस्थान स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। वहीं, समग्र शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए निधि सिंह को निदेशक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
शैक्षणिक और पाठ्येतर गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए बीटेक के शुभम योगेश महाजन तथा एमटेक की जिमली पाटोवारी को निदेशक स्वर्ण पदक दिया गया। विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सीनेट पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील
मुख्य अतिथि डॉ. विजय कुमार सारस्वत ने स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपने डीआरडीओ और नीति आयोग के अनुभव साझा किए तथा युवाओं से अपने ज्ञान और सपनों को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने का आह्वान किया।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय ने ग्रामीण विकास और समावेशी समाज के निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को भविष्य में शोध, तकनीक और सामाजिक विकास के क्षेत्र में योगदान देने की शुभकामनाओं के साथ हुआ।
