दुर्ग। Two accused convicted in liquor smuggling case, sentenced to two years each. धमधा रोड स्थित गंज सब्जी मंडी में अवैध शराब परिवहन के मामले में दुर्ग सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने निचली अदालत के दोषमुक्ति आदेश को निरस्त करते हुए लखन भैसा और ममता धमगाये को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दोषी माना।
दोनों आरोपितों को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने आरोपितों द्वारा पहले से बिताई गई अभिरक्षा अवधि को सजा में समायोजित करने का भी आदेश दिया है।
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सब्जी के कैरेट के बीच छिपाकर रखी थी शराब
मामला फरवरी 2025 का है। मोहन नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि धमधा रोड की गंज सब्जी मंडी में खड़े एक माजदा वाहन में अवैध शराब रखी गई है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन की तलाशी ली।तलाशी के दौरान सब्जी रखने वाले कैरेट के बीच शराब की पेटियां छिपी मिलीं। पुलिस ने 81 पेटियां बरामद कीं।
इनमें 4050 पौवा देशी मदिरा थी। बरामद शराब की मात्रा 729 लीटर बताई गई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 2.84 लाख रुपये थी। वहीं शराब परिवहन में इस्तेमाल माजदा वाहन की कीमत करीब आठ लाख रुपये आंकी गई।

दो आरोपित गिरफ्तार, दो बताए गए फरार
जांच के दौरान पुलिस ने लखन भैसा और ममता धमगाये को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और विवेचना में शराब के परिवहन तथा बिक्री से जुड़े तथ्य सामने आने का उल्लेख अभियोजन पक्ष ने किया। मामले में नितिन धमगाये और निर्मल धमगाये के फरार होने की जानकारी सामने आई थी।
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ राज्य ने की अपील
मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया था। इसके बाद राज्य की ओर से इस निर्णय के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई। सत्र न्यायालय ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और रिकॉर्ड का दोबारा परीक्षण किया। इसके बाद निचली अदालत के निर्णय को दोषपूर्ण मानते हुए राज्य की अपील स्वीकार कर ली। न्यायालय ने दोनों आरोपितों को आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दोषी ठहराया।
केंद्रीय जेल भेजने के निर्देश
फैसले के बाद दोनों आरोपितों को सजा भुगतने के लिए केंद्रीय कारागार दुर्ग भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शराब परिवहन में इस्तेमाल किए गए माजदा वाहन के राजसात की कार्रवाई नियमानुसार जारी रखने का आदेश दिया गया है। यह फैसला अवैध शराब के परिवहन और बिक्री के मामलों में अभियोजन की कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
