CG Prime News@दुर्ग. करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार, शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा करने के बाद व्रत खोला जाता है। इस बार 29 अक्टूबर को पड़ने वाली चतुर्थी तिथि के अवसर पर भगवान गणेश की आराधना भी विशेष फलदायी मानी जा रही है।
सनातन परंपरा में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजा से करने पर कार्य में आने वाली बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। ऐसे में करवा चौथ पर गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
गणेश अथर्वशीर्ष के पाठ का क्या है महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश अथर्वशीर्ष भगवान गणेश की स्तुति का प्रमुख पाठ है। भक्त इसका पाठ मन की शांति, सकारात्मकता और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना से करते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार, गणेश उपासना में अथर्वशीर्ष पाठ का विशेष स्थान है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक पाठ करने से भक्तों को भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वे जीवन की परेशानियों का सामना करने की शक्ति पाते हैं।

करवा चौथ पर कैसे करें भगवान गणेश की पूजा?
करवा चौथ के दिन गणेश पूजा के लिए सुबह या दिन में स्वच्छ स्थान पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। पूजा के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:
– भगवान गणेश के सामने देशी घी का दीपक जलाएं।
– उन्हें हल्दी या चंदन का तिलक लगाएं।
– पूजा में दूर्वा अर्पित करें।
– लड्डू या मोदक का भोग लगाएं।
– श्रद्धापूर्वक गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
– अंत में भगवान गणेश की आरती कर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दूर्वा और मोदक भगवान गणेश को प्रिय हैं। पूजा के दौरान इन चीजों को अर्पित करना शुभ माना जाता है।
व्यापार और परिवार की खुशहाली के लिए गणेश आराधना
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार, करवा चौथ पर भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि गणेशजी की कृपा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। व्यापारी वर्ग भी कारोबार में उन्नति और कार्यों में सफलता की कामना से गणेश आराधना करता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक दीक्षित के अनुसार, इस दिन दूर्वा अर्पित करके गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। नियमित पाठ को भी गणेश उपासना की महत्वपूर्ण परंपरा माना जाता है।
करवा चौथ पर गणेश पूजा क्यों है खास?
करवा चौथ मुख्य रूप से वैवाहिक सुख और पति की दीर्घायु की कामना से जुड़ा पर्व है, जबकि भगवान गणेश की पूजा विघ्नों को दूर करने और शुभ कार्यों की सफलता की प्रार्थना के लिए की जाती है। इसलिए इस दिन व्रत की परंपराओं के साथ गणेश आराधना करने वाले श्रद्धालु परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हैं।
धार्मिक मान्यता: पूजा-पाठ से मिलने वाले फल आस्था और परंपराओं से जुड़े हैं। इन्हें सुनिश्चित भौतिक परिणाम की गारंटी के रूप में नहीं देखना चाहिए।
