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छत्तीसगढ़ में ड्रग्स के खिलाफ जनता बने पुलिस की सबसे बड़ी ताकत: DGP अरुण देव गौतम

दुर्ग के मेगा मेडिकल कैंप में बोले डीजीपी- स्कूल-कॉलेजों में नशे की सूचना तुरंत दें, पुलिस करेगी त्वरित कार्रवाई

by Dakshi Sahu Rao
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छत्तीसगढ़ में ड्रग्स के खिलाफ जनता बने पुलिस की सबसे बड़ी ताकत: DGP अरुण देव गौतम

CG Prime News@दुर्ग. DGP Arun Dev Gautam visit durg medical camp छत्तीसगढ़ में बढ़ते ड्रग्स कारोबार और युवाओं तक नशे की पहुंच को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी ड्रग्स की बिक्री, तस्करी या सेवन जैसी गतिविधियां दिखाई दें तो बिना किसी भय के तत्काल पुलिस को सूचना दें।

जनता ही पुलिस का सबसे मजबूत खुफिया तंत्र

दुर्ग पुलिस और जन मित्र के संयुक्त तत्वावधान में न्यू पुलिस लाइन, ठगड़ा बांध के पास आयोजित नि:शुल्क मेगा मेडिकल कैंप में डीजीपी ने कहा कि जनता पुलिस की सबसे मजबूत खुफिया कड़ी है। समाज के सहयोग से ही ड्रग्स के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई संभव है। उन्होंने विशेष रूप से स्कूल, कॉलेज और उनके आसपास के क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

पुलिस ड्यूटी की प्रकृति अलग, छुट्टियां परिस्थितियों पर निर्भर

पुलिस जवानों की लंबी ड्यूटी और साप्ताहिक अवकाश के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि पुलिस सेवा का स्वरूप अन्य विभागों से अलग है। कानून-व्यवस्था की जरूरतों के कारण निश्चित दिन पर छुट्टी देना हमेशा संभव नहीं होता। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों को पर्याप्त अवकाश दिया जाता है और विशेष परिस्थितियों में ड्यूटी की प्राथमिकता के अनुसार व्यवस्था बदल सकती है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में काम करने से मानसिक और शारीरिक क्षमता दोनों मजबूत होती हैं।

छत्तीसगढ़ में ड्रग्स के खिलाफ जनता बने पुलिस की सबसे बड़ी ताकत: DGP अरुण देव गौतम

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हर साल हेल्थ चेकअप कराने की सलाह

डीजीपी ने कहा कि व्यस्त दिनचर्या के कारण कई पुलिसकर्मी नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते। इसलिए इस मेगा मेडिकल कैंप का उद्देश्य प्रत्येक पुलिसकर्मी को वर्ष में कम से कम एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित करना है, ताकि किसी भी बीमारी का समय रहते पता चल सके और उसका उपचार संभव हो।

22 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी स्वास्थ्य सेवाएं

मेगा मेडिकल कैंप में पुलिसकर्मियों, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में 22 से अधिक सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने जांच और परामर्श दिया। यहां पैथोलॉजी टेस्ट, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण और दंत जांच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहीं। डीजीपी ने कैंप का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा पुलिस जवानों से संवाद कर नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पुलिस बल ही समाज को प्रभावी और सुरक्षित कानून व्यवस्था प्रदान कर सकता है।

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