CG Prime News@भिलाई. छत्तीसगढ़ स्टेट GST विभाग ने सोमवार को हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के भिलाई स्थित कार्यालय और बलौदाबाजार यार्ड में छापा मारा था। छापे की कार्रवाई दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी है। करीब 25 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम दोनों स्थानों पर कंपनी के दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की पड़ताल कर रही है। कार्रवाई के दौरान बिलिंग, लेन-देन और नकद कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। विभाग अब इन दस्तावेजों के आधार पर संभावित कर अनियमितताओं और देनदारी का आकलन करेगा।

पुराने रजिस्टर से डिजिटल रिकॉर्ड तक जांच
GST टीम ने कंपनी के पुराने रजिस्टर, वाहनों की खरीदी से जुड़े दस्तावेज, टैक्स रसीदें और अलग-अलग कंपनियों में अटैच वाहनों का ब्योरा खंगाल रही है। अधिकारियों ने कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और कारोबारी गतिविधियों से संबंधित डिजिटल जानकारी का बैकअप भी लिया है।

जांच के दौरान खरीद-बिक्री, भुगतान, बैंकिंग और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। विभाग यह भी देख रहा है कि कंपनी की कारोबारी गतिविधियों और जीएसटी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के बीच कोई अंतर तो नहीं है।
1500 से ज्यादा ट्रक भी जांच के दायरे में
जांच का एक अहम हिस्सा कंपनी के कारोबार से जुड़े 1500 से अधिक ट्रकों का संचालन है। जीएसटी विभाग को एक ही पंजीयन नंबर से कई वाहनों के संचालन और उनसे जुड़े रिकॉर्ड को लेकर शिकायतें मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके आधार पर वाहनों के पंजीयन, संचालन, बिलिंग और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

अधिकारी वाहनों की संख्या और कंपनी के घोषित कारोबार के बीच भी मिलान कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रिकॉर्ड में किसी तरह की अनियमितता या कर संबंधी गड़बड़ी हुई है या नहीं।

लंबे समय से टैक्स चोरी की शिकायत
विभाग को कंपनी के संचालक इंद्रजीत सिंह छोटू के खिलाफ लंबे समय से कथित टैक्स चोरी से संबंधित शिकायतें मिलने की बात सामने आई है। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि कंपनी नुकसान में कारोबार दिखाकर अपेक्षाकृत कम टैक्स जमा कर रही है, जबकि उसके पास बड़ी संख्या में ट्रकों का संचालन है।
हालांकि, ये शिकायतें और आरोप जांच का हिस्सा हैं। इनकी पुष्टि जांच पूरी होने और विभागीय रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी।
कई जिलों में फैला है कारोबार
हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी का कारोबार छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के साथ भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े कार्यों तक फैला बताया जा रहा है। कंपनी के ट्रक, डंपर और बड़े ट्रेलर अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित होते हैं। जीएसटी अधिकारी वाहनों की संख्या, कारोबार, भुगतान और संबंधित कंपनियों के साथ हुए लेन-देन का मिलान कर रहे हैं।
विभाग के अनुसार प्राथमिक जांच में अनियमितता सामने आने पर वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जाएगी और नियमानुसार संभावित कर देनदारी तय की जाएगी। फिलहाल कार्रवाई दस्तावेजों के सत्यापन और रिकॉर्ड की जांच के चरण में है।
