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डीजल चोर गिरोह गिरफ्तार: बेमेतरा पुलिस ने 9 आरोपियों को पकड़ा, 36 लाख का माल जब्त

नांदघाट में दो ट्रकों से 550 लीटर डीजल चोरी का खुलासा, 4 जिलों में चोरी करता था गिरोह

by cgprimenews.com
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डीजल चोर गिरोह के 9 आरोपी बेमेतरा पुलिस की गिरफ्त में

CG Prime News @ बेमेतरा। डीजल चोर गिरोह का बेमेतरा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बेमेतरा, बिलासपुर, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिलों में सड़क किनारे खड़े ट्रकों से डीजल चुराता था। पुलिस ने गिरोह के 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। उनके पास से दो स्कार्पियो, 504 लीटर डीजल और नगद रकम सहित करीब 36 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है।

नांदघाट में कैसे हुई थी डीजल की चोरी?

अनीश कुमार बघेल (35 साल, निवासी सिवनी, मध्यप्रदेश) कंटेनर ट्रक चालक हैं। 25 अक्टूबर 2026 को वे नागपुर से हल्दीराम नमकीन का सामान लेकर झारखंड के लिए निकले थे। उनके साथ दूसरे कंटेनर ट्रक में चालक शंकर सिडाम भी थे। रात को दोनों ने रायपुर-बिलासपुर मार्ग (NH-130) पर ग्राम चिचोली के जियो पेट्रोल पंप की पार्किंग में ट्रक खड़े किए और सो गए।

सुबह करीब 6 बजे उठने पर दोनों ने देखा कि ट्रकों की डीजल टंकी के ढक्कन खुले थे और टंकी खाली थी। चोरों ने रात 1 से सुबह 6 बजे के बीच एक ट्रक से 350 लीटर और दूसरे से 200 लीटर, यानी कुल 550 लीटर डीजल चुरा लिया था। इसकी कीमत करीब 54,450 रुपये थी। अनीश की रिपोर्ट पर नांदघाट थाने में धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज हुआ।


पुलिस ने डीजल चोर गिरोह को कैसे पकड़ा?

मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन में पुलिस और साइबर सेल की टीम बनाई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव और एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का ने टीम का मार्गदर्शन किया। मुखबिर से मिली सूचना पर 31 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने घेराबंदी कर 8 आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में गिरोह का राज खुला और 9वें आरोपी की भी गिरफ्तारी हुई।

चोरी का तरीका क्या था?

पुलिस के मुताबिक आरोपी मिलकर सड़क किनारे खड़े वाहनों से डीजल चुराते थे। वे दो स्कार्पियो गाड़ियों से जाते थे और पकड़े जाने से बचने के लिए इनमें फर्जी नंबर प्लेट लगा लेते थे। ट्रकों की टंकी का ताला लोहे की राड से तोड़ा जाता और पाइप से डीजल निकाल लिया जाता था। फिर चोरी का डीजल सस्ते दाम पर दूसरे लोगों को बेच दिया जाता और पैसे आपस में बांट लिए जाते थे।

आरोपियों ने पूछताछ में कई और चोरियां कबूल की हैं:

  • अगस्त 2026: बेमेतरा के रांका में आदिशक्ति ढाबा के पास से करीब 500 लीटर
  • सितंबर 2026: ग्राम बेतर में बिजली ऑफिस के पास से करीब 100 लीटर
  • जांजगीर के बाराद्वार से 270 लीटर और सिमगा क्षेत्र से करीब 170 लीटर
  • सैगोना (बेमेतरा) से 300 लीटर
  • 26 अक्टूबर को सरगांव के पास से करीब 150 लीटर
  • 29 अक्टूबर को बिलासपुर के ढेका के पास से करीब 250 लीटर
  • 30 अक्टूबर को मस्तुरी के पास से करीब 40 लीटर, सरगांव में दो जगह से 160 लीटर और नांदघाट के खैरा से करीब 245 लीटर

इस मामले में आरोपियों पर धारा 318(2), 336(3), 338, 340(2) और 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई हैं।

पुलिस ने क्या-क्या जब्त किया?

  • सफेद स्कार्पियो CG 12 BV 4596: कीमत 17 लाख रुपये
  • सफेद स्कार्पियो CG 11 BS 6684: कीमत 17 लाख रुपये
  • 504 लीटर डीजल: कीमत 52,419 रुपये
  • डीजल बेचकर कमाए नगद 1,54,000 रुपये
  • एक मोबाइल और डीजल चोरी का पाइप

कुल जब्त माल की कीमत करीब 36,06,419 रुपये है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

सभी आरोपी जांजगीर-चांपा जिले के थाना बलौदा क्षेत्र के रहने वाले हैं।

  1. निखिलदास मानिकपुरी (23 साल), ग्राम खिसारा
  2. सुरज कुर्रे (19 साल), ग्राम खिसोरा
  3. मनीष कुमार जांगड़े उर्फ मोना (28 साल), ग्राम भिलाई
  4. संजीत कुमार अनंत (23 साल), ग्राम बुचीहरदी
  5. जयकरण खुंटे (30 साल), ग्राम खिसोरा
  6. शुभम जांगड़े (18 साल), ग्राम भिलाई
  7. उपेन्द्र उर्फ ननकी यादव (42 साल), ग्राम खिसोरा
  8. रेशम उर्फ मोनु यादव (26 साल), बजरंग नगर बलौदा
  9. राजेश कोयल (45 साल), ग्राम खिसोरा

सभी को 31 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस की वेबसाइट पर पुलिस से जुड़ी अन्य जानकारी देखी जा सकती है।

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम

थाना प्रभारी नांदघाट निरीक्षक लेखराम ठाकुर, सिटी कोतवाली बेमेतरा प्रभारी निरीक्षक सोनल ग्वाला, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक मोहन लाल साहू, सउनि कंवल सिंह नेताम, प्रधान आरक्षक अशोक तिर्की और संजय भगत, साइबर सेल आरक्षक संजय साहू तथा नांदघाट थाने के आरक्षक आकाश सिंह, प्रताप सिंह यादव, रूपेन्द्र राजपूत, सुरेश सोनकर, अजय गोयल, मुकेश माहिरे, गोविंद सिंह, कमलेश ठाकुर और देवनारायण साहू का सराहनीय योगदान रहा।

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