दुर्ग की घटना से मचा राजनीतिक और सामाजिक हड़कंप
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आत्मदाह का प्रयास करने वाली कांग्रेस नेत्री शबाना निशा उर्फ रानी (37) की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल में सात दिनों तक चले इलाज के बाद उनकी सांसें थम गईं। गोलबाजार थाना टीआई यशवंत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को लेकर दुर्ग रवाना हो गए हैं।
मकान विवाद बना आत्मदाह की वजह
दुर्ग सिटी कोतवाली थाना टीआई नवीन राजपूत ने बताया कि पचरीपारा इलाके की घटना है। शबाना निशा यहां एक किराए के मकान में रह रही थीं और वह उस मकान को खरीदना चाहती थीं। मकान मालिक द्वारा जमीन बेचने से इनकार किए जाने के बाद मामला जिला न्यायालय पहुंचा। कोर्ट ने मकान खाली कराने का आदेश जारी किया था।
कोर्ट आदेश के पालन में पुलिस पहुंची
22 जनवरी को पुलिस और कोर्ट स्टाफ आदेश के पालन के लिए मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान शबाना निशा ने कथित तौर पर खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली। इस दर्दनाक घटना में वह लगभग 95 प्रतिशत तक झुलस गई थीं। परिजन उन्हें गंभीर हालत में रायपुर के डीकेएस अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता थीं शबाना
शबाना निशा कांग्रेस पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता थीं। उन्होंने पिछला दुर्ग नगर निगम चुनाव वार्ड-28 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद के लिए चुनाव भी लड़ा था। उनकी मौत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
