दुर्ग. कलेक्टर Abhijeet Singh ने प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहकर्ता राम कुमार वर्मा से मुलाकात कर उनके पास मौजूद दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन किया और उनके ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा की।
डिजिटल संरक्षण की दिशा में पहल
कलेक्टर ने कहा कि प्राचीन पांडुलिपियां हमारी समृद्ध विरासत का अहम हिस्सा हैं, जिन्हें सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन पांडुलिपियों को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित करते हुए चरणबद्ध रूप से डिजिटल फॉर्मेट में परिवर्तित किया जाए। इसके बाद इन्हें निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि शोधकर्ताओं और आम नागरिकों को आसानी से पहुंच मिल सके।
आम जनता से सहयोग की अपील
कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से अपील की कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपियां हैं, तो वे जिला प्रशासन या क्षेत्रीय सर्वेयरों से संपर्क कर उन्हें उपलब्ध कराएं। इससे इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
शोध और अध्ययन को मिलेगा बढ़ावा
डिजिटलीकरण की इस पहल से इतिहास, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में शोध कर रहे विद्यार्थियों और विशेषज्ञों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही यह कदम स्थानीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक साबित होगा।
