CG Prime News@बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर शासन ने सख्ती दिखाई है। मुंगेली में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के पद पर रहते हुए एक रिटायर्ड शिक्षिका की पेंशन संबंधी समस्या का समाधान नहीं करने के मामले में सहायक संचालक एलपी डाहिरे को निलंबित कर दिया गया है। खास बात यह है कि संबंधित शिक्षिका को पेंशन दिलाने के लिए हाईकोर्ट पहले ही आदेश जारी कर चुका था, लेकिन इसके बाद भी प्रकरण लंबित रहा।
पेंशन के लिए भटकती रहीं रिटायर्ड शिक्षिका
मामला मुंगेली की सेवानिवृत्त शिक्षिका राजेश्वरी त्रिपाठी से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पेंशन का भुगतान नहीं हो पा रहा था। इसके लिए उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कई बार संपर्क किया और आवेदन भी दिए। लंबे समय तक समाधान नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति ऐसी हो गई कि परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल होने लगा।
हाईकोर्ट के आदेश की भी नहीं हुई पालना
विभागीय स्तर पर राहत नहीं मिलने के बाद राजेश्वरी त्रिपाठी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने उनके पेंशन प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं होने पर शिक्षिका ने दोबारा अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पेंशन प्रकरण में हुई देरी को लेकर नाराजगी जताई।

शासन ने तय की अधिकारी की जिम्मेदारी
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य शासन ने मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी एलपी डाहिरे के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। आदेश में उनके आचरण को न्यायालय के प्रति अनादर, प्रशासनिक अनुशासनहीनता और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बिलासपुर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
दो महीने पहले हुआ था तबादला
एलपी डाहिरे करीब दो महीने पहले तक मुंगेली में जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। प्रशासनिक तबादले के बाद उन्हें बिलासपुर स्थित संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय में सहायक संचालक की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, निलंबन की कार्रवाई उनके मुंगेली में डीईओ रहते हुए सामने आए पेंशन प्रकरण से संबंधित है।

