Friday, October 30, 2026
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अर्नब से फसलें तबाह, CM साय ने सभी जिला कलेक्टर को फसल क्षति सर्वे कराने दिए निर्देश

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी नुकसान का विवरण भेजा जा सकता है।

by Dakshi Sahu Rao
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अर्नब से फसलें तबाह, CM साय ने सभी जिला कलेक्टर को फसल क्षति सर्वे कराने दिए निर्देश

CG Prime News@रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चक्रवात ‘अर्नब के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावित किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर राहत मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे।

प्रभावित किसानों को समय पर मिले राहत

मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण से लेकर सहायता राशि के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।

सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर दर्ज कराएं

दुर्ग जिले में अर्नब चक्रवात के प्रभाव से हो रही भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। असमय वर्षा के कारण खेतों में खड़ी और कटाई के बाद सूखने के लिए रखी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित फसलों को नुकसान पहुंचने पर किसानों को नियमानुसार मुआवजा मिल सकता है। कृषि विभाग ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे फसल नुकसान की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर दर्ज कराएं।


खरीफ 2026 की इन फसलों पर मिलेगा बीमा कवर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 के लिए दुर्ग जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, कोदो, कुटकी और रागी को अधिसूचित किया गया है। इन फसलों का बीमा कराने वाले पात्र किसानों को योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार राहत मिल सकती है।

फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देना जरूरी

उपसंचालक कृषि विभाग के अनुसार, योजना में प्रतिकूल मौसम के कारण बुवाई या रोपाई नहीं हो पाने, ओलावृष्टि और जलप्लावन जैसी स्थानीय आपदाओं तथा कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को होने वाले नुकसान के लिए प्रावधान हैं।

स्थानीय आपदा और कटाई के बाद खेत में सूखने रखी फसल को नुकसान होने पर अंतरिम राहत का प्रावधान है। इसके लिए किसानों को घटना के 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है। हालांकि, नुकसान की पात्रता और बीमा भुगतान योजना की शर्तों के अनुसार निर्धारित होगा।

इन माध्यमों से दर्ज कराएं शिकायत

प्रभावित किसान फसल नुकसान की सूचना देने के लिए केंद्र सरकार के कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी नुकसान का विवरण भेजा जा सकता है।

किसान योजना के आधिकारिक पोर्टल pmfby.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर से क्रॉप इंश्योरेंस ऐप डाउनलोड कर फसल क्षति का विवरण भी दर्ज किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को भी समय सीमा के भीतर सूचना दे सकते हैं। इसके बाद आवश्यक सर्वेक्षण और सत्यापन के आधार पर बीमा दावे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कृषि विभाग की किसानों से अपील

कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि अर्नब चक्रवात के कारण अत्यधिक बारिश से यदि उनकी बीमित फसल को नुकसान हुआ है, तो वे बिना देरी किए इसकी सूचना दर्ज कराएं। समय पर सूचना देने से फसल क्षति के आकलन और नियमानुसार बीमा दावा प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलेगी।

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