Thursday, August 13, 2026
Home » Blog » पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर निहंग ने किया हमला

पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर निहंग ने किया हमला

कृपाण से हाथ में लगी चोट, उपचार के लिए ले जाया गया अस्पताल

by Dakshi Sahu Rao
0 comments
पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर निहंग ने किया हमला

CG Prime News@दिल्ली. Nihang attacks former Punjab Deputy CM Sukhbir Singh Badal पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को एक निहंग ने कृपाण से हमला कर दिया। घटना महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारा माता साहिब कौर की है। मिली जानकारी के अनुसार शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री इस हमले में घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए  अस्पताल ले जाया गया है।

पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर निहंग ने किया हमला

पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर निहंग ने किया हमला

सुरक्षाकर्मी भी हुआ घायल

पुलिस ने बताया कि गुरुद्वारा माता साहिब कौर में एक निहंग ने उन पर कृपाण से हमला किया। जिससे सुखबीर सिंह बादल के हाथ पर चोट लगी है। उनकी सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। सुखबीर सिंह बादल परिवार के साथ नांदेड़ गुरुद्वारा में माथा टेकने गए थे। घटना के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने हमलावर को काबू कर लिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना से जुड़े CCTV फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई जा रही है।


दो साल पहले गोल्ड टेंपल में हुआ था हमला

सुखबीर सिंह बादल पर दो साल पहले भी हमला हुआ था। 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के गोल्डन टेंपल के प्रवेश द्वार पर उन पर जानलेवा फायरिंग की गई थी। इसमें वह बाल-बाल बच गए थे। यह हमला उस समय हुआ था जब वह अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई एक धार्मिक सजा (तनखैया) काट रहे थे। एक बुजुर्ग व्यक्ति भीड़ के बीच से धीरे-धीरे सुखबीर बादल की ओर बढ़ा। उसने अपनी जेब से 9 mm की पिस्टल निकाली और सीधे बादल पर निशाना साधकर गोली चला दी।

गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी कर रहे थे प्रायश्चित

सुखबीर बादल को सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने धार्मिक रूप से दोषी घोषित किया था। यह सजा अकाली दल सरकार के दौरान हुई गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के प्रायश्चित के रूप में दी गई थी। उस दिन उनकी सजा का दूसरा दिन था। पैर में फैक्चर होने के कारण वह व्हीलचेयर पर बैठे थे। गले में पट्टी लटकी हुई थी, नीली पोशाक पहने थे और हाथ में भाला लेकर द्वार पर पहरेदार के रूप में सेवा दे रहे थे।

You may also like