भिलाई: न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज हुआ मामला
भिलाई। Case registered against Bhilai Municipal Corporation Councilor Rita Singh; probe into ₹4.39 crore land deal initiated. नगर निगम की पार्षद रीता सिंह (गेरा) उनके पति रमेशचंद सिंह राजपूत और पुत्र मानवचंद सिंह (गेरा) के खिलाफ कथित धोखाधड़ी और संपत्ति लेनदेन से जुड़े मामले में उतई थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी), पाटन के आदेश के बाद की गई है। मामला लगभग 4.39 करोड़ रुपये के भूमि, खनन संपत्ति और भारी मशीनरी के लेनदेन से जुड़ा बताया गया है।
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न्यायालय के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस के अनुसार, जेएमएफसी पाटन ने 31 जुलाई 2026 को परिवादी बीबी सिंह की ओर से प्रस्तुत आवेदन पर सुनवाई के बाद उतई थाना प्रभारी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318(2), 318(3), 318(4), 338, 336(3) और 340 के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

4.50 करोड़ का सौदा, 4.39 करोड़ भुगतान का दावा
परिवादी का आरोप है कि 29 जनवरी 2024 को ग्राम छांटा, तहसील पाटन स्थित खदान, संबंधित भूमि, टाटा हिटाची मशीन तथा भारत बेंज टिपर वाहनों के विक्रय को लेकर इकरारनामा किया गया था। इस सौदे की कुल कीमत 4.50 करोड़ रुपये तय हुई थी, जिसमें से 4.39 करोड़ रुपये आरोपियों को दिए जाने का दावा किया गया है।
शिकायत के अनुसार, सौदे के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया। आरोप है कि जिन खसरा नंबरों की भूमि का सौदा किया गया, उनमें से कुछ पहले से अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज थीं, जबकि कुछ भूमि दान भूमि अथवा ऐसी श्रेणी की थी, जिसका विक्रय कानूनी रूप से संभव नहीं था। इसके अलावा कुछ संपत्तियां बैंक में बंधक होने के बावजूद इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

एनओसी और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने का आरोप
परिवादी ने यह भी आरोप लगाया है कि बैंक की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC), खनन पट्टा तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में दस्तावेज नहीं दिए गए। इससे आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया है।
पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट पहुंचे परिवादी
शिकायतकर्ता के अनुसार, फरवरी 2026 में उतई थाना और दुर्ग पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों और पुलिस प्रतिवेदन का परीक्षण करने के बाद एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
जांच जारी, पुलिस ने कही यह बात
उतई थाना पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप अपराध दर्ज कर लिया गया है। अब पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला वर्तमान में जांच के चरण में है। दर्ज एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच के बाद ही होगी।
