CG Prime News@रायगढ़. Police have detained former BJYM president Ravi Bhagat. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में घटिया क्वालिटी की साइकिल छात्राओं को बांटने का विरोध करने पर मंगलवार को पूर्व भाजयुमो (BJYM) अध्यक्ष रवि भगत को पुलिस घसीटते हुए थाने लेकर गई। जिसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। दरअसल लैलूंगा ब्लॉक स्थित शासकीय हाई स्कूल कूपाकानी में सरकारी योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें बांटी जानी थीं। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई थीं। तभी भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत वहां पहुंचे और साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध किया।
स्कूल के प्राचार्य ने बुलाया पुलिस
विरोध के बाद स्कूल के प्राचार्य ने इसकी सूचना थाने में दी। इसके बाद पुलिस ने रवि भगत को हिरासत में ले लिया। हिरासत का भी रवि ने विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें घसीटकर गाड़ी में बिठाया। इसका वीडियो भी सामने आया है।
रवि भगत ने कहा कि साइकिल पर ‘हीरो लिखा है, जबकि उस पर ‘कावेरी का स्टीकर लगा है। उन्होंने बिल और रसीद दिखाने की मांग की, ताकि यह पता चल सके कि आखिर इनकी कीमत क्या है।

पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष रवि भगत को घसीटते हुए थाने लेकर गई पुलिस, फिर…

गुणवत्ताहीन साइकिल पर उठाए सवाल
पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष रवि भगत ने उच्चाधिकारियों को बुलाने की बात कहते हुए गुणवत्ता विहीन साइकिल को वितरण नहीं करने देने की बात कही। जिसके बाद प्राचार्य ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को देते हुए थाना में इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और रवि भगत को हिरासत में लेकर थाना ले आए। जहां आगे की कार्रवाई की जा रही है।
साइकिल शासन ने खरीदी
लैलूंगा के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रवि सारथी ने बताया कि हमने इसकी जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दे दी है। उन्होंने कहा कि साइकिलों की खरीद शासन स्तर पर की गई है, जिन्हें शासन की योजना के तहत वितरित किया जाना था। मंगलवार को 7 साइकिलें बांटी जानी थीं। इसी दौरान रवि भगत ने इसका विरोध किया। इसके बाद प्राचार्य ने इसकी सूचना थाने में दी।
विरोध करने वाले करेंगे ही
लैलूंगा के जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार में सरस्वती साइकिल योजना के तहत आज साइकिल बांटा जा रहा था। आमंत्रित करने पर हम यहां पहुंचे थे। सम्मान के साथ बच्चों को साइकिल दी गई, जिन्हें विरोध करना है वो तो करेंगे ही। जो भी प्रक्रिया होगी हम उसका पालन करेंगे ही।
