Tuesday, July 7, 2026
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तेलंगाना DSP के पास मिली 300 करोड़ की संपत्ति, ACB ने किया गिरफ्तार

हैदराबाद में तैनात डीएसपी संकीरेड्डी भीम रेड्डी गिरफ्तार, ACB को छापेमारी में नकदी, सोना, चांदी और करोड़ों की संपत्तियों से जुड़े अहम दस्तावेज मिले।

by Dakshi Sahu Rao
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तेलंगाना DSP के पास मिली 300 करोड़ की संपत्ति, ACB ने किया गिरफ्तार

CG Prime News@हैदराबाद. तेलंगाना में आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) संकीरेड्डी भीम रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार शाम हुई गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी ने उनके और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान करोड़ों रुपये की कथित बेनामी संपत्तियों और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग सामने आए हैं।

रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिकारी ने तेलंगाना और कर्नाटक में कई अचल संपत्तियां अपने रिश्तेदारों, दोस्तों, सहयोगियों और कथित बेनामीदारों के नाम पर खरीदी थीं। जांच एजेंसियां इन संपत्तियों के दस्तावेज, खरीद के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की विस्तार से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।

तेलंगाना DSP के पास मिली 300 करोड़ की संपत्ति, ACB ने किया गिरफ्तार

तेलंगाना DSP के पास मिली 300 करोड़ की संपत्ति, ACB ने किया गिरफ्तार

छापेमारी में नकदी, सोना और बैंक बैलेंस मिला

2 जुलाई को ACB ने डीएसपी से जुड़े 16 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान उनके ठिकानों से करीब 3.60 लाख रुपये नकद, लगभग 2 किलोग्राम सोने के आभूषण, करीब 20 किलोग्राम चांदी के सामान और करीब 20 लाख रुपये का बैंक बैलेंस मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी बरामद संपत्तियों का मूल्यांकन भी करा रही है।

हाथ से लिखी डायरी ने खोले कई राज

जांच के दौरान अधिकारियों को डीएसपी की एक हाथ से लिखी निजी डायरी भी मिली है। इस डायरी में विभिन्न संपत्तियों, निवेश, देनदारियों और कथित बेनामीदारों के नाम दर्ज बताए गए हैं। जानकारी के अनुसार, चारधाम यात्रा पर जाने से पहले उन्होंने इस डायरी की स्कैन कॉपी व्हाट्सएप के जरिए अपने दोनों बेटों को भी भेजी थी।

जांच में डायरी बनी अहम सबूत

एंटी-करप्शन ब्यूरो का कहना है कि इसी डायरी के आधार पर कई ऐसी संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिली, जिनका पहले कोई रिकॉर्ड जांच एजेंसी के पास नहीं था। फिलहाल एजेंसी दस्तावेजों की जांच, बैंकिंग रिकॉर्ड और संपत्ति के स्वामित्व की पुष्टि करने में जुटी है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां या कार्रवाई होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

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