Monday, June 29, 2026
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छत्तीसगढ़ में रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने समाज को दिया 1 करोड़ दान

ब्राह्मण समाज को मिला 1 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा व्यक्तिगत दान, तोषपाल उपाध्याय ने बढ़ाया सामाजिक सहयोग का हाथ रायपुर के विप्र भवन में सौंपा 1 करोड़ रुपये का चेक, समाज के विकास और शिक्षा कार्यों में होगी राशि का उपयोग

by Dakshi Sahu Rao
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छत्तीसगढ़ में रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने समाज को दिया 1 करोड़ दान

CG Prime News@रायपुर. छत्तीसगढ़ के सामाजिक क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहल सामने आई है। समाजसेवी एवं बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी तोषपाल उपाध्याय (कपसदा) ने छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत दान देकर नई मिसाल कायम की है। इस योगदान को समाज के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत आर्थिक सहयोग बताया जा रहा है।

विप्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में किया दान

रायपुर स्थित विप्र भवन में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान तोषपाल उपाध्याय ने 1 करोड़ रुपये का चेक विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी को सौंपा। कार्यक्रम में पूर्व न्यायाधीश टी.पी. शर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस एस.के. तिवारी, अनुराग पांडेय, अरुण शर्मा, सुरेंद्र शुक्ला, नटराज शर्मा, कुसुम शर्मा, संजय दीवान सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन और सदस्य उपस्थित रहे।

समाज के प्रति आभार व्यक्त किया

इस अवसर पर तोषपाल उपाध्याय ने कहा कि उन्हें जीवनभर समाज से स्नेह, सम्मान और सहयोग मिलता रहा है। उसी अपनत्व और विश्वास के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से उन्होंने यह राशि समाज को समर्पित की है। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति में योगदान देना प्रत्येक सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

दान को बताया प्रेरणादायी पहल

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच तोषपाल उपाध्याय का स्वागत और सम्मान किया। छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत दान है। उनके अनुसार यह सहयोग केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि समाज सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

शिक्षा और समाजहित के कार्यों में होगा उपयोग

समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग शिक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। उनका मानना है कि यह दान आने वाली पीढ़ियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देगा और सामाजिक सहयोग की नई परंपरा स्थापित करेगा।

 

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