Thursday, August 13, 2026
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दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई, दहेज प्रताड़ना में FIR के निर्देश

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की दुर्ग में पहली जनसुनवाई, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा, वैवाहिक और संपत्ति विवादों पर हुई सुनवाई

by Dakshi Sahu Rao
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दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई, दहेज प्रताड़ना में FIR के निर्देश

CG Prime News@दुर्ग. Durg Women Commission छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने दुर्ग जिले में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों को लेकर जनसुनवाई की। कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित इस जनसुनवाई में आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, सदस्य ओजस्वी मंडावी, सह प्रभारी दीपिका शोरी और सदस्य सरला कोसरिया ने कुल 27 प्रकरणों की सुनवाई की। इनमें से 3 मामलों को नस्तीबद्ध किया गया। दुर्ग जिले में आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की यह पहली जनसुनवाई थी।

पारिवारिक और वैवाहिक विवादों पर हुई सुनवाई

जनसुनवाई में भरण-पोषण, दहेज प्रताड़ना, वैवाहिक विवाद, घरेलू विवाद, पारिवारिक विवाद और संपत्ति से जुड़े मामलों पर दोनों पक्षों को सुना गया। आयोग ने परिस्थितियों के अनुसार संबंधित पक्षों को समझाइश देने के साथ विधिक सहायता और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई, दहेज प्रताड़ना में FIR के निर्देश

दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई, दहेज प्रताड़ना में FIR के निर्देश


एक मामले में आवेदिका ने भरण-पोषण की मांग रखी, जबकि अनावेदक ने बच्चे से मिलने की इच्छा जताई। दोनों पक्षों की सहमति के बाद अनावेदक को महीने में एक बार बच्चे से मिलने की अनुमति देने पर सहमति बनी। आवेदिका को भरण-पोषण के लिए न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने की सलाह दी गई और आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

दहेज प्रताड़ना में FIR के निर्देश

दहेज प्रताड़ना से जुड़े एक मामले में आवेदिका की शिकायत प्रथम दृष्टया उचित पाए जाने पर आयोग ने महिला थाना प्रभारी को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। मामले को आगामी सुनवाई के लिए भी नियत किया गया। एक वैवाहिक विवाद में पति के किसी अन्य महिला से संबंध होने की शिकायत पर आयोग ने अनावेदक को वैवाहिक संबंधों में मधुरता बनाए रखने और अन्य महिला से संबंध समाप्त करने की समझाइश दी। मामले को अगली सुनवाई के लिए रखा गया।

सखी सेंटर और न्यायालय भेजे गए मामले

एक मामले में आवेदिका को दुर्ग सखी सेंटर भेजकर गुजारा भत्ता तय कराने की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए। जमीन पट्टा विवाद के मामले में आवेदिका को एसडीएम न्यायालय जाने की सलाह दी गई और निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, धारा 376 से संबंधित एक मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण आयोग में दर्ज प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। कुछ मामलों में आवेदिकाओं की इच्छा और परिस्थितियों के आधार पर भी प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए।

महिलाओं के अधिकारों की दी जानकारी

आयोग ने सुनवाई के दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी। संबंधित विभागों से समन्वय कर मामलों के निराकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर और SSP से की मुलाकात

जनसुनवाई के बाद आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान महिला उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

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