Thursday, April 23, 2026
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छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य संशोधन कानून 2026 पर विवाद, हाई कोर्ट पहुंचा मामला

जबरन धर्मांतरण पर आजीवन सजा के प्रावधान को चुनौती, याचिका में कानून को असंवैधानिक बताया गया

by cgprimenews.com
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छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून 2026 पर हाई कोर्ट में सुनवाई
Controversy over Chhattisgarh Freedom of Religion Amendment Act 2026, matter reaches High Court

रायपुर
छत्तीसगढ़ में ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक 2026’ लागू होने के साथ ही विवाद गहराता जा रहा है। अब यह मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट पहुंच गया है, जहां इस कानून को चुनौती दी गई है। मसीही समाज के प्रतिनिधि क्रिस्टोफर पॉल ने याचिका दाखिल कर इसके कई प्रावधानों को असंवैधानिक बताया है।

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याचिका में उठाए गए सवाल

याचिकाकर्ता का कहना है कि इस कानून के तहत बनाए गए कुछ कड़े प्रावधान नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि इन प्रावधानों को निरस्त किया जाए। इस मामले में जल्द सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

कड़े प्रावधानों वाला नया कानून

राज्य सरकार द्वारा लाए गए इस संशोधन कानून में जबरन, प्रलोभन या धोखाधड़ी से धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। नए नियमों के अनुसार अवैध धर्मांतरण पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा दी जा सकती है।

सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य जबरन और अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाना है। वहीं, विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे लेकर चिंता जताई है और इसके प्रावधानों की समीक्षा की मांग की है।

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