Monday, August 3, 2026
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शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण और रामेश्वर का दुर्ग पुलिस ने किया सम्मान

नक्सल विरोधी अभियानों में अदम्य साहस, नेतृत्व के साथ दिया उत्कृष्ट योगदान

by Dakshi Sahu Rao
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शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण और रामेश्वर का दुर्ग पुलिस ने किया सम्मान

CG Prime News@दुर्ग. शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख का दुर्ग पुलिस द्वारा नागरिक अभिनंदन किया गया। पुलिस लाइन दुर्ग में आयोजित सम्मान समारोह में नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय साहस, नेतृत्व और उत्कृष्ट योगदान के लिए दोनों अधिकारियों को सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक और पुलिस परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। डीआईजी विजय अग्रवाल ने दोनों अधिकारियों के साहसिक योगदान को पुलिस संगठन के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण और रामेश्वर का दुर्ग पुलिस ने किया सम्मान

शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण और रामेश्वर का दुर्ग पुलिस ने किया सम्मान

शौर्य चक्र का महत्व

शौर्य चक्र भारत का शांति काल में प्रदान किया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान उन सैन्य, अर्धसैनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा नागरिकों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने असाधारण साहस, अदम्य वीरता, कर्तव्यनिष्ठा एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट पराक्रम का परिचय दिया हो। यह अलंकरण राष्ट्र के प्रति समर्पण, बहादुरी और सर्वोच्च सेवा भावना का प्रतीक माना जाता है।


निरीक्षक लक्ष्मण केवट

निरीक्षक लक्ष्मण केवट का जन्म 01 जुलाई 1986 को मनेन्द्रगढ़ में हुआ। उन्होंने 12 अप्रैल 2007 को जिला सूरजपुर में आरक्षक के पद पर पुलिस सेवा प्रारंभ की। अगस्त 2012 में उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत होकर जिला बीजापुर में पदस्थ हुए तथा नवंबर 2014 में निरीक्षक पद पर पदोन्नति प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 तक बीजापुर, वर्ष 2017 से 2022 तक राजनांदगांव तथा वर्ष 2022 से वर्तमान तक जिला कांकेर में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वे थाना प्रभारी पखांजूर के पद पर कार्यरत हैं।

40 सफल मुठभेड़ों में सक्रिय रहे

नक्सल विरोधी अभियानों में उन्होंने 40 सफल मुठभेड़ों में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा विभिन्न अभियानों में 97 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके उत्कृष्ट एवं साहसिक योगदान के लिए उन्हें 1 शौर्य चक्र, 6 पुलिस वीरता पदक, 1 केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक, 3 सीआरपीएफ महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क, 1 बीएसएफ महानिदेशक कमेंडेशन रोल एवं 1 आउट ऑफ टर्न पूर्ण पदोन्नति से सम्मानित किया जा चुका है।

निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख

निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख का जन्म 01 अप्रैल 1986 को हुआ। उनका गृह ग्राम झोला, जिला दुर्ग है। उन्होंने 18 जून 2007 को जिला दंतेवाड़ा में आरक्षक के पद पर पुलिस सेवा प्रारंभ की। अगस्त 2012 में उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति प्राप्त कर जिला बीजापुर में पदस्थ हुए तथा जुलाई 2015 में निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। उन्होंने वर्ष 2012 से 2018 तक बीजापुर, वर्ष 2018 से 2022 तक राजनांदगांव तथा वर्ष 2022 से वर्तमान तक जिला कांकेर में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। वर्तमान में वे थाना प्रभारी भानुप्रतापपुर के पद पर पदस्थ हैं।

58 नक्सलियों का शव बरामद किया

नक्सल विरोधी अभियानों में उन्होंने 25 सफल मुठभेड़ों में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा विभिन्न अभियानों में 58 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी वीरता एवं उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें 1 शौर्य चक्र, 2 पुलिस वीरता पदक, 1 केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक तथा 1 आउट ऑफ टर्न पदोन्नति से सम्मानित किया जा चुका है।

पुलिस महकमे के लिए गौरव की बात

समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि शौर्य चक्र जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करना किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए अत्यंत गौरव की बात है। निरीक्षक लक्ष्मण केवट एवं निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए अदम्य साहस, धैर्य, नेतृत्व क्षमता एवं कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है।

कार्यक्रम में यह रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान दोनों अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट साहस, वीरता, नेतृत्व क्षमता एवं नक्सल विरोधी अभियानों में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उपस्थितजनों ने दोनों अधिकारियों के अनुभवों को सुना तथा उनके संघर्षपूर्ण एवं प्रेरणादायक सेवाकाल के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

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