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NDPS कानून पर रेंज स्तरीय कार्यशाला संपन्न

राजनांदगांव पुलिस लाइन में मादक पदार्थ नियंत्रण और जांच प्रक्रिया पर दिया गया प्रशिक्षण

by cgprimenews.com
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राजनांदगांव में NDPS अधिनियम पर आयोजित रेंज स्तरीय कार्यशाला

राजनंदगांव. मंगल भवन पुलिस लाइन में 10 मार्च 2026 को मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे को रोकने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से रेंज स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला Office of the Inspector General of Police Rajnandgaon Range के तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें NDPS Act 1985 के प्रभावी क्रियान्वयन और जांच से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कानूनी प्रक्रिया और जांच तकनीक पर जोर

कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञों ने एनडीपीएस अधिनियम की महत्वपूर्ण धाराओं, तलाशी और जब्ती की वैधानिक प्रक्रिया, साक्ष्य संधारण, केस डायरी लेखन, चार्जशीट तैयार करने और न्यायालयीन प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। इसके साथ ही मादक पदार्थों की पहचान, सैंपलिंग प्रक्रिया और कानूनी दस्तावेज तैयार करने की सही विधि पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया, ताकि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि न हो।

ड्रग्स मामलों में कठोर सजा का प्रावधान

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि कॉमर्शियल मात्रा में मादक पदार्थ मिलने पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास का प्रावधान है। इसलिए ऐसे मामलों में साक्ष्य और जांच प्रक्रिया का मजबूत होना बेहद आवश्यक है।

स्मार्ट पुलिसिंग पर IG का जोर

कार्यक्रम के समापन अवसर पर Balaji Rao ने कहा कि वर्तमान समय में स्मार्ट पुलिसिंग अपनाते हुए नई वैज्ञानिक तकनीकों और विभिन्न डिजिटल पोर्टलों का उपयोग करना जरूरी है। उन्होंने एनडीपीएस सहित अन्य मामलों में आरोपियों की दोष सिद्धि दर बढ़ाने के लिए मजबूत जांच और टीमवर्क पर जोर दिया।

66 अधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण

कार्यशाला में के.के. चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक केशरी नंद नायक, नारकोटिक्स क्राइम ब्यूरो के अधीक्षक अनिल कुमार और पूर्व डीएसपी राकेश जोशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में Chhattisgarh Police के राजनांदगांव रेंज के चारों जिलों से सहायक उप निरीक्षक से निरीक्षक स्तर तक करीब 66 अधिकारियों ने भाग लिया।

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