CG Prime News@दिल्ली. Wife of Iran’s Supreme Leader Khamenei dies इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग का आज तीसरा दिन है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के 2 दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का भी निधन हो गया है। मंसूरेह दो दिन पहले अमेरिका और इजराइल के हमले में घायल हुई थीं। इसी हमले में खामेनेई मारे गए थे। ईरान की सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि मंसूरेह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की पत्नी की मौत, हमले में हुई थी घायल
ब्रिटिश पीएम से नाराज हुए ट्रम्प
युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने पुराने सहयोगी ब्रिटेन पर नाराजगी जताई है। दरअसल ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने अमेरिका को हिंद महासागर में मौजूद अपना मिलिट्री बेस डिएगो गॉर्सिया देने में देर की।
अमेरिका जंग के पहले दिन ही इस बेस से ईरान पर हमला करना चाहता था। लेकिन ब्रिटेन ने 48 घंटे बाद इसकी इजाजत दी और कहा कि अमेरिका को यहां से सिर्फ ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने की परमिशन होगी। इसे लेकर ट्रम्प ने कहा है कि वे ब्रिटिश पीएम से बेहद निराश है।
ईरान में 555 की मौत, 740 घायल
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान शुरुआती 30 घंटे में 2000 से ज्यादा बम गिराए गए। इनमें अब तक 555 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं। 28 फरवरी को शुरू हुई इस लड़ाई के पहले दिन हुई बमबारी में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। इसके अलावा रविवार को 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
ईरान का 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमला
ईरान ने सोमवार को मिडिल-ईस्ट के 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमला किया है। कुवैत में अमेरिका के कई फाइटर जेट क्रैश हो गए है। जेट हवा में गोल-गोल घूमने के थोड़ी देर बाद जमीन से टकरा गए। हालांकि, इसमें किसी मौत की नहीं हुई है।
दूसरी ओर ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने सोमवार को कहा कि ईरान अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन खबरों के जवाब में आया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिका से फिर से बातचीत शुरू करने की कोशिश की है।
वहीं कुवैत ने सोमवार को गलती से 3 अमेरिकी फाइटरजेट्स को दुश्मन का विमान समझकर निशाना बनाया। हादसे में सभी अमेरिकी पायलट सुरक्षित हैं।
