दुर्ग। मोहन नगर–धमधा नाका ओवरब्रिज क्षेत्र में एक युवक द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की सूचना पर डायल-112 पुलिस टीम ने त्वरित एवं मानवीय कार्रवाई करते हुए उसकी जान बचाई। समय पर रेस्क्यू और उपचार के कारण युवक सुरक्षित है। इस सराहनीय कार्य के लिए दोनों पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
घटना का विवरण
दिनांक 03 फरवरी 2026 को मोहन नगर–धमधा नाका ओवरब्रिज के नीचे रेलवे ट्रैक क्षेत्र में एक युवक द्वारा मानसिक तनाव एवं नशे की स्थिति में ओवरब्रिज से कूदने की सूचना डायल-112 कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डायल-112 मोहन नगर की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
संवेदनशील रेस्क्यू से बची युवक की जान
मौके पर पहुंचते ही डायल-112 टीम ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए त्वरित एवं संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रेलवे ट्रैक क्षेत्र से युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया और बिना समय गंवाए उसे उपचार हेतु शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार समय पर उपचार मिलने से युवक की जान बच सकी।
युवक की पहचान
रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान भानुप्रताप देशमुख (उम्र 30 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 13, जेवर सिरसा, दुर्ग के रूप में हुई है। वह नगर निगम भिलाई में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। प्रारंभिक जांच में मानसिक तनाव एवं नशे की स्थिति सामने आई है।
डायल-112 टीम की सराहनीय भूमिका
इस साहसिक और मानवीय कार्यवाही में डायल-112 मोहन नगर में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 1077 हिमांशु जंघेल एवं चालक क्रमांक 273 धर्मेंद्र देशमुख की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। उनकी तत्परता एवं कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग द्वारा दोनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि मानसिक तनाव या किसी भी आपात स्थिति में कोई भी गलत कदम न उठाएं। तत्काल सहायता के लिए 112 पर संपर्क करें। समय पर सूचना और सहयोग से अमूल्य जीवन बचाया जा सकता है।
