दुर्ग में गिरफ्तार केरल की दो नन को मिली जमानत, NIA कोर्ट में हुई सुनवाई

CG Prime News@. मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में दुर्ग से गिरफ्तार किए गए केरल की 2 कैथोलिक नन को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। बिलासपुर के NIA कोर्ट में हुई सुनवाई में अदालत ने उनकी जमानत याचिका को मंजूर करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत पर फैसला लिया है।

संसद में किया विरोध प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में केरल की 2 कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी को लेकर दुर्ग से लेकर संसद तक बवाल मच गया है। विगत दिनों संसद के बाहर विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। मिशनरी सिस्टर्स की धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तारी के विरोध में केरल से विपक्ष के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका वाड्रा और केसी वेणुगोपाल ने भी सोशल मीडिया में बयान देकर विरोध दर्ज कराया गया था।

यह है पूरा मामला

25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन में धर्मांतरण और मानव तस्करी को लेकर जमकर बवाल हुआ था। 2 मिशनरी सिस्टर (नन) और एक युवक पर 3 आदिवासी युवतियों को यूपी के आगरा में काम दिलाने के बहाने बेचने ले जाने का आरोप है। मामला भिलाई थाना-3 के दुर्ग जीआरपी चौकी का है।

जानकारी के मुताबिक नारायणपुर की युवतियों को आगरा ले जाने वालों का नाम सुखमन मंडावी और मिशनरी सिस्टर प्रीति और वंदना है। ये तीनों लोग कमलेश्वरी, ललिता और सुखमति नाम की युवती को आगरा लेकर जा रहे थे, जिन्हें बजरंग दल ने पकड़ा है।

बताया जा रहा है कि पकड़े गए मिशनरी सिस्टर और युवक के पास पादरी का नंबर और 7 नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें मिली हैं। साथ ही कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। तीनों लड़कियों को भिलाई सखी सेंटर में रखा गया है, जबकि 2 मिशनरी सिस्टर और युवक जीआरपी की हिरासत में हैं।