CG Prime News@बलरामपुर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती का पुलिस और प्रशासन ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। संयुक्त कार्रवाई में करीब 3.67 एकड़ जमीन पर उगाई गई अफीम की खेती को जब्त किया गया है। मौके से 43 क्विंटल से अधिक अफीम के पौधे, सूखे फल और लासा बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 4 करोड़ 75 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची संयुक्त टीम
पुलिस के अनुसार 10 मार्च 2026 को थाना प्रभारी कुसमी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि त्रिपुरी गांव में रूपदेव भगत और कौषिल भगत के खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस, प्रशासन, एसएफएल और अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान खेत में अफीम की खेती और उसकी रखवाली करते कुछ लोग पाए गए।
सात आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से रूपदेव राम भगत, कौषिल भगत, मनोज कुमार, जिरमल मुण्डा, उपेन्द्र कुमार, विन्देष्वर और कृष्णा सिंह को गिरफ्तार किया है। पूछताछ और मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद अफीम के पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर तौल कराया गया, जिसमें कुल 4344.569 किलोग्राम अफीम बरामद हुई।
खेत से लासा और सूखे फल भी जब्त
कार्रवाई के दौरान खेत में रखे दो डब्बों में आधा-आधा भरा अफीम का लासा तथा चार बड़े और एक छोटे बोरे में भरे सूखे फल भी बरामद किए गए। इन सभी को जब्ती पंचनामा तैयार कर विधिवत सील किया गया और न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन जांच अभियान
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि 1.488 हेक्टेयर भूमि में अफीम की खेती की जा रही थी, जो रिकॉर्ड में पड़ती भूमि दर्ज है। प्रशासन ने जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे जिले में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है।
जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों की खेती या तस्करी के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। अफीम की खेती या अन्य अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी ऐसी गतिविधियों की जानकारी पुलिस या जिला प्रशासन को देने की अपील की है, साथ ही सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।
