अब लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
भिलाई. 31 industrial accidents, 32 deaths in 4 years, Collector warns industries. जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और श्रमिकों की मौत के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने उद्योग संचालकों, फैक्ट्री प्रबंधन और सुरक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट कर दिया कि अब सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को उत्पादन के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
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चार वर्षों में 31 हादसे, 32 लोगों की मौत
बैठक के दौरान कलेक्टर ने पिछले चार वर्षों के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में 31 गंभीर दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 32 श्रमिकों की जान गई। उन्होंने कहा कि इन हादसों से कई परिवारों का सहारा छिन गया और अनेक कर्मचारी स्थायी रूप से घायल होकर आज भी कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
अप्रशिक्षित कर्मचारियों से जोखिम भरे कार्य चिंता का विषय
प्रशासन के अनुसार कई औद्योगिक इकाइयों में प्रशिक्षित कर्मचारियों के बजाय अन्य कर्मियों से तकनीकी और जोखिमपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। हेल्पर से मशीन संचालन, अस्थायी कर्मचारियों से तकनीकी कार्य तथा पर्याप्त सुरक्षा प्रशिक्षण के अभाव को दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह माना गया। सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उपयोग पर भी सवाल उठाए गए।
दुर्घटनाएं छिपाने पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी औद्योगिक दुर्घटना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दी जाए। यदि कोई उद्योग प्रबंधन हादसों को छिपाने या जानकारी दबाने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और आपातकालीन संपर्क नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए।
सभी कर्मचारियों के लिए समान सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य
बैठक में कहा गया कि स्थायी, संविदा और अस्थायी सभी कर्मचारियों को समान स्तर की सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना उद्योगों की जिम्मेदारी है। बॉयलर, कंप्रेसर और भारी मशीनों के नियमित निरीक्षण तथा केमिकल इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया गया।
सुरक्षा मानकों पर नहीं होगा समझौता
बैठक में प्रमुख औद्योगिक संस्थानों द्वारा सुरक्षा व्यवस्थाओं पर प्रस्तुति दी गई। उद्योग प्रतिनिधियों ने कुछ सुझाव भी रखे, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रमिक सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वर्षवार औद्योगिक हादसे और मौतें
- 2023 : 4 हादसे, 4 मौतें
- 2024 : 10 हादसे, 10 मौतें
- 2025 : 15 हादसे, 15 मौतें
- 2026 : 3 हादसे, 3 मौतें
