CG Prime News@दिल्ली. Guinea Landfill Collapse पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। शहर के सबसे बड़े लैंडफिल यानी कचरा डंपिंग स्थल पर कचरे का विशाल ढेर अचानक धंस गया। इसकी चपेट में आसपास बनी कई झोपड़ियां आ गईं। हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, हादसा रविवार देर रात करीब 2 बजे शुरू हुई भारी बारिश के बाद हुआ। बारिश का पानी कचरे के ऊंचे ढेर के ऊपर से बहने लगा। इसके बाद कचरे का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया और नीचे बसी बस्तियां इसकी चपेट में आ गईं। कई घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं।

भारी बारिश से कचरे का पहाड़ धंसा, दबकर 30 लोगों की मौत

मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
हादसे के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी और लोग फंसे हो सकते हैं। बचाव कार्य में सैन्य इंजीनियरिंग टीम भी जुटी हुई है।
सैन्य इंजीनियरिंग बटालियन के सफाई अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्ड मामादो बैलो ने बताया कि दार एस सलाम लैंडफिल को रविवार को बंद किया जाना था। इससे पहले आसपास रहने वाले लोगों को इलाका खाली करने के नोटिस भी दिए गए थे। कई परिवार वहां से चले गए, लेकिन हादसे के समय कुछ लोग अब भी आसपास मौजूद थे।

अफ्रीकी शहरों में लैंडफिल बन रहे हैं खतरा
अफ्रीका के कई तेजी से बढ़ते शहरों में आबादी के मुकाबले कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इसके चलते शहरों के बाहरी इलाकों में कचरे के बड़े-बड़े पहाड़ बन जाते हैं। समय के साथ इनका वजन और ऊंचाई बढ़ती जाती है, जिससे ढेर के खिसकने का खतरा भी बढ़ जाता है।
बारिश इस खतरे को और गंभीर बना देती है। पानी कचरे के ढेर में पहुंचकर उसका वजन बढ़ाता है और उसकी स्थिरता कम कर सकता है। इसके अलावा लैंडफिल के आसपास गरीब बस्तियां बस जाने से हादसे का असर और ज्यादा लोगों पर पड़ता है। कई परिवार यहां सस्ती जमीन या कचरे से प्लास्टिक और धातु जैसी चीजें निकालकर रोजी-रोटी कमाने के लिए रहते हैं।
खनिज संपदा से समृद्ध गिनी में गरीबी बड़ी चुनौती
गिनी बॉक्साइट, लौह अयस्क, सोना और हीरे जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश है। यहां दुनिया के बड़े बॉक्साइट भंडारों में से एक मौजूद है। इसके बावजूद देश की बड़ी आबादी गरीबी से जूझ रही है। विश्व बैंक के अनुसार, गिनी में करीब 43.7 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजारती है। कोनाक्री का यह हादसा शहरी कचरा प्रबंधन, गरीबी और सुरक्षित आवास की चुनौती को भी सामने लाता है।
