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तमनार में महिला कांस्टेबल की वर्दी फाड़ी, पुलिस ने निकाला जुलूस, पहनाई चप्पलों की माला

आरोपी के चेहरे पर कालिख पोतकर चप्पलों की माला पहनाई

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@रायगढ़. Tamnar violence Raigarh chhattisgarh छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जेपीएल कोयला खदान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक की वर्दी फाड़कर अर्धनग्न करने वाले मुख्य आरोपी का पुलिस ने जुलूस निकाला। मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को लेकर तमनार थाने की महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों ने सिग्नल चौक से आरोपी का जुलूस निकाला। (tamnar coal block against protest )

चप्पलों की माला पहनाई

आरोपी के चेहरे पर कालिख पोतकर चप्पलों की माला पहनाई। आरोपी से ‘पुलिस हमारी बाप है, वर्दी फाडऩा पाप है के नारे लगवाए गए। बता दें कि अब तक इस मामले में मुख्य आरोपी सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, बदसलूकी और अमानवीय व्यवहार के मामले में पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी चित्रसेन साव निवासी झरना सिदार पारा, मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास (सभी निवासी ग्राम आमगांव) और वनमाली राठिया निवासी ग्राम झरना शामिल हैं।

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तमनार में महिला कांस्टेबल की वर्दी फाडऩे वाले का पुलिस ने निकाला जुलूस, पहनाई चप्पलों की माला

आरोपियों का जुलूस निकालने की मांग

2 जनवरी की रात तमनार पुलिस ने आमगांव का रहने वाला मंगल राठिया उर्फ करम राठिया और चीनेश खम्हारी को गिरफ्तार कर जिला जेल लाया था। इस दौरान महिला आरक्षकों ने पुलिस की गाड़ी रोकी और इनका जुलूस निकालने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाइश देकर जेल परिसर में ले गए और जेल के बाहर के मेन गेट बंद कर दिया था।

यह है पूरा मामला

दरअसल, मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। JPL कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरने पर बैठे हुए थे। 27 दिसबंर की सुबह करीब 9 बजे लिबरा चौक पर लगभग 300 ग्रामीण जमा हो गए। सड़क पर बैठकर आने-जाने का रास्ता रोक दिया।स्थिति बिगड़ती देख सुबह करीब 10 बजे अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाया। धरनास्थल पर लगे टेंट में वापस भेज दिया। कुछ समय बाद भीड़ की संख्या करीब 1000 के आसपास हो गई।

 महिला TI को लात घूसों से पीटा

घरघोड़ा के एसडीएम और पुलिस अधिकारी लगातार माइक से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे, लेकिन भीड़ बार-बार सड़क पर आकर रास्ता रोकने की कोशिश करती रही। करीब दोपहर ढाई बजे अचानक हालात बिगड़ गए। भीड़ ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए। पत्थर और डंडों से हमला कर दिया। पुलिस पर जमकर लाठियां और पत्थर बरसाए गए। तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम को महिलाओं ने लात-घूंसे से पीटा। जिससे कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक भी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

कोल हैंडलिंग प्लांट में घुसकर लगाई आग

जिला प्रशासन के मुताबिक उग्र भीड़ ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस में आग लगा दी। कई अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़ गई। वहां घुसकर कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों में आग लगा दी गई। प्लांट के दफ्तर में भी तोड़फोड़ की गई।

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