Monday, August 10, 2026
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रैंगिग से परेशान जूनियर डॉक्टर ने हॉस्टल में फांसी लगाकर किया सुसाइड

आरोपी चार सीनियर्स को हॉस्टल खाली करने का आदेश, छह महीने के लिए किया निलंबित

by Dakshi Sahu Rao
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रैंगिग से परेशान जूनियर डॉक्टर ने हॉस्टल में फांसी लगाकर किया सुसाइड

CG Prime News@दिल्ली. Junior doctor in Gujarat commits suicide, distressed by ragging. गुजरात के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक जूनियर डॉक्टर ने सीनियर्स की रैगिंग से परेशान होकर आत्महत्या कर लिया। घटना सूरत के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) की है। जूनियर डॉक्टर के सुसाइड के बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आरोपी चार सीनियर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिय है। वहीं एचओडी और तीन फैकल्टी सदस्यों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पीडि़त स्टूडेंट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से जुड़े न्यू सिविल हॉस्पिटल के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में काम करता था।

रैंगिंग को लेकर की गई थी शिकायत

इधर पुलिस जांच में घटना को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए है। जांच में यह भी पता चला है कि इस घटना से पहले शिक्षकों से रैगिंग को लेकर शिकायत भी की गई थी। अब इसकी भी जांच की जा रही है कि आखिर पहले ही आरोपियों के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया गया।

हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया

गुजरात में सूरत के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में पढ़ाई कर रहे फस्र्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या के सुसाइड के बाद से परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं रैगिंग के आरोपी सेकंड ईयर के चार सीनियर डॉक्टर को छह महीने के लिए कॉलेज से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उन्हें हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया है।
दरवाजा अंदर से बंद था, फंदे पर लटका था शव


मिली जानकारी के अनुसार रविवार सुबह जीएमसी हॉस्टल के रूम नंबर 1004 का दरवाजा अंदर से बंद था। बाहर खड़े हर्ष पंड्या के साथी बार-बार उसे आवाज दे रहे थे। जब काफी देर बाद अंदर से कोई आहट नहीं आई तो सिक्योरिटी स्टाफ को बुलाया गया। स्टाफ ने दरवाजा तोड़ा और हर्ष पंड्या को पंखे से लटके देखा। उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

8 घंटे तक पूरी फैकल्टी से की पूछताछ, सामने आई रैगिंग की बात

परिवार के रैगिंग के आरोपों के बाद मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी, एंटी रैगिंग स्क्वाड और कॉलेज काउंसिल ने जांच की। तीनों टीमों ने करीब 8 घंटे तक टीचर्स से लेकर स्टाफ तक से बारी-बारी से पूछताछ की। जांच में रैगिंग के आरोप सही पाए। कुछ पीडि़तों ने बताया कि चोरों आरोपी सीनियर्स उन्हें कमरों में बंद कर कई-कई घंटों तक टॉर्चर करते थे। गालियां देते थे और मारपीट करते थे।

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