CG Prime News@अगरतला. Death of Tripura DGP Anurag Dhankhar त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का शव सोमवार सुबह पुलिस मुख्यालय में मिला। अधिकारियों के अनुसार, वह अपने कार्यालय में अचेत अवस्था में पाए गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना से त्रिपुरा पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस मुख्यालय में मिले अचेत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह अनुराग धनखड़ अपने कार्यालय में अचेत पाए गए। उन्हें तत्काल अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका शव फिलहाल अस्पताल में रखा गया है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ) माणिक साहा तुरंत पुलिस मुख्यालय पहुंचे। मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा सहित गृह विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल जीबी अस्पताल पहुंचे। पुलिस मुख्यालय के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और घटना के तुरंत बाद जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है और मामले की गहन जांच कर रही है।
कौन थे अनुराग धनखड़
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के IPS अधिकारी थे और उन्होंने 2025 में त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) का पद संभाला था। बता दें कि अनुराग धनखड़ ने CBI में नीरव मोदी मामले की जांच का नेतृत्व किया था। उन्होंने 1984 में सिख समुदाय के नरसंहार की जांच के लिए बनी SIT का भी नेतृत्व किया था।
बागपत के बिहारीपुर गांव से था संबंध
अनुराग धनखड़ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के निवासी थे। गांववालों के अनुसार, वह करीब 25 वर्ष पहले आखिरी बार अपने पैतृक गांव आए थे। गांव में उनका पुश्तैनी मकान है, लेकिन वर्तमान में वहां कोई परिवार का सदस्य नहीं रहता।
गांव के स्कूल से शुरू हुई शिक्षा
अनुराग धनखड़ ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिहारीपुर गांव के प्राइमरी स्कूल से प्राप्त की थी। उनके मित्र रमेश कुमार ने बताया कि दोनों ने 12वीं तक साथ पढ़ाई की थी। रमेश के अनुसार, अनुराग वॉलीबॉल के अच्छे खिलाड़ी थे और ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली चले गए थे।
परिवार और सेवा जीवन
अनुराग धनखड़ के परिवार में पत्नी कल्पना और बेटा अभिषेक हैं, जो कनाडा में रहते हैं। उनके दो भाई हैं—रविराज, जो बड़ौत में खिलौनों की दुकान चलाते हैं, और विवेक, जो एयरफोर्स से सेवानिवृत्त होने के बाद एक निजी कंपनी में कार्यरत रहे।
