Wednesday, October 21, 2026
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नेपाल में हवाई रेस्क्यू ऑपरेशन, 4 हजार लोगों को हेलिकॉप्टर से बचाया

अचानक आई बाढ़ से कई इलाकों का सड़क संपर्क टूटा, नेपाल सेना ने कमान संभालकर चलाया बड़े पैमाने पर बचाव अभियान; एक सप्ताह में सेना और निजी हेलिकॉप्टरों ने सैकड़ों उड़ानें भरीं।

by cgprimenews.com
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नेपाल में बाढ़ के बाद हेलिकॉप्टर से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालती नेपाली सेना

बाढ़ के तुरंत बाद शुरू हुआ हवाई बचाव अभियान

नेपाल. Aerial rescue operation in Nepal; 4,000 people rescued by helicopter. अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए बड़े स्तर पर हवाई अभियान चलाया गया। नेपाली सेना के मुताबिक, बाढ़ के पहले ही दिन सेना के चार हेलिकॉप्टरों को रेस्क्यू मिशन में लगाया गया। हालात का शुरुआती आकलन भी हवाई सर्वे के जरिए किया गया, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान और फंसे लोगों की स्थिति की जानकारी मिली।

नेपाल सेना के प्रवक्ता राजाराम बस्नेत के अनुसार, एक एमआई-17 हेलिकॉप्टर डॉक्टरों की टीम को लेकर प्रभावित क्षेत्र में पहुंचा। सुबह करीब 11:30 बजे वहां मेडिकल बेस स्थापित किया गया, जिसके बाद राहत और उपचार का काम तेज किया गया।

पहली बार इतने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन

सेना का कहना है कि नेपाल में इतने बड़े स्तर पर हवाई बचाव अभियान पहले नहीं चलाया गया था। सीमित हवाई क्षेत्र में अस्थायी एयर बेस बनाकर कई हेलिकॉप्टरों को एक साथ संचालित करना अपने आप में बड़ी चुनौती थी। गृह मंत्री सुधन गुरूंग ने भी इसे देश में अब तक के सबसे बड़े बचाव अभियानों में से एक बताया है। सरकारी और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से अभियान को लगातार आगे बढ़ाया गया।


4 हजार से ज्यादा लोगों का एयर रेस्क्यू

जानकारी के मुताबिक करीब एक सप्ताह के दौरान सेना और निजी क्षेत्र के हेलिकॉप्टरों की सैकड़ों उड़ानों के जरिए 4,000 से अधिक लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला गया। नेपाली सेना ने बताया कि उसके नेतृत्व में कुल 717 उड़ानें संचालित की गईं। रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना के सात हेलिकॉप्टरों के साथ निजी क्षेत्र के करीब दो दर्जन हेलिकॉप्टर भी अलग-अलग चरणों में शामिल रहे।

सड़कें टूटीं तो हेलिकॉप्टर बना सहारा

रासुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार के मुताबिक बाढ़ वाले दिन दोपहर से पहले ही कई क्षेत्रों का सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया था। कई स्थानों पर राहत दलों के लिए जमीन के रास्ते पहुंचना संभव नहीं रहा। ऐसे हालात में प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रमुख माध्यम हेलिकॉप्टर बन गए। हालांकि, शुरुआती दौर में सुरक्षित लैंडिंग के लिए उपयुक्त स्थानों की कमी भी बड़ी चुनौती थी।

एक कमान के तहत हेलिकॉप्टरों का संचालन

रेस्क्यू अभियान में कई हेलिकॉप्टर एक साथ काम कर रहे थे। किसी तरह की टक्कर, भ्रम या ऑपरेशनल दिक्कत से बचने के लिए हेलिकॉप्टरों की तैनाती और संचालन की जिम्मेदारी नेपाल सेना की कमान में रखी गई। कैलाश हेलिकॉप्टर के कैप्टन मणिराज लामा के मुताबिक प्रभावित इलाकों के ऊपर उड़ान भरते समय नीचे का दृश्य बेहद भयावह था। संकरी घाटियों में एक साथ कई हेलिकॉप्टरों का संचालन करना सामान्य परिस्थितियों से बिल्कुल अलग चुनौती थी।

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