सुपेला थाने की शिकायत को कोर्ट ने नहीं माना सही, दस्तावेजों के आधार पर सुनाया फैसला
दुर्ग। बिलासपुर हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी (धारा 420) के मामले में आरोपी संगीता केतन शाह को अग्रिम जमानत (anticipatory bail granted) दे दी है। कोर्ट ने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और शिकायत का अवलोकन करने के बाद पाया कि मामला पूरी तरह आपराधिक नहीं बल्कि सिविल प्रकृति का है। कोर्ट ने यह भी माना कि एफआईआर में जो तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं, वे पर्याप्त और प्रमाणित नहीं हैं।
(Sangeeta Ketan Shah gets relief from High Court, anticipatory bail granted)
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प्रकरण में शिकायतकर्ता विशाल केजरीवाल ने 7 अप्रैल को पुलगांव थाना में संगीता शाह के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कराया था। इसके बाद 9 अप्रैल को दुर्ग जिला न्यायालय ने शाह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद संगीता शाह ने बिलासपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
वकील ने बताया जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई, पैसे ले चुका है प्रार्थी
संगीता शाह के अधिवक्ता वरिष्ठ वकील बीपी सिंह ने बताया कि विशाल केजरीवाल तीन साल तक पॉवर ऑफ अटॉर्नी लेकर भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कर सका। इसके बावजूद उसने एक करोड़ रुपए के सौदे के एवज में 55 लाख 10 हजार रुपए अपने दूसरे संस्थान के नाम पर ले लिए थे। इसके अलावा, जमीन तक जाने के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के आदेश से रास्ता भी सुनिश्चित किया जा चुका है, जिसकी जानकारी छिपाकर विशाल केजरीवाल ने एफआईआर दर्ज कराई।
एफआईआर रद्द करने हाईकोर्ट में याचिका लंबित
संगीता शाह ने उच्च न्यायालय में धारा 482 सीआरपीसी के तहत एफआईआर रद्द करने की याचिका भी प्रस्तुत की है। इस पर हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता विशाल केजरीवाल को नोटिस जारी किया है।
प्रकरण में एक और अहम पहलू यह है कि केजरीवाल के पिता ने भी हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका लगाकर शाह की जमानत याचिका का विरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद संगीता शाह को राहत प्रदान की।
फर्जी एफआईआर पर लग सकता है जुर्माना
वरिष्ठ अधिवक्ता बीपी सिंह ने कहा कि यदि कोई पुलिस अधिकारी सिविल विवाद को आपराधिक बना देता है और फर्जी एफआईआर दर्ज करता है, तो उस पर और राज्य सरकार पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। उन्होंने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार पर लगाए गए 50 हजार रुपए के अर्थदंड का हवाला देते हुए कहा कि कानून के दुरुपयोग पर अब न्यायालय सख्त है।
हाईकोर्ट के इस फैसले से संगीता केतन शाह को बड़ी राहत मिली है और अब पूरा मामला सिविल कोर्ट में सुनवाई योग्य माना जा रहा है।

