CG Prime News@राजनांदगांव. Padma Shri Phoolbasan Abducted Over Tender Dispute राजनांदगांव जिले में पद्मश्री फूलबासन बाई यादव की मंगलवार को किडनैपिंग करने वाले सभी आरोपी पकड़े गए हैं। मुख्य आरोपी खुशबू साहू महिला समूह से जुड़ी है। वह समूह के लिए टेंडर लेना चाहती थी। इसलिए खुशबू ने फूलबासन बाई के अपहरण की साजिश रची। ताकि उन पर दबाव बनाकर वह काम करा सके। बुधवार को राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा ने इस पूरे अपहरण कांड से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी महिला सहित उसके सभी पांच साथी पकड़े गए हैं।
आरोपियों में ये शामिल
- खुशबू साहू (27), बेमेतरा, मुख्य आरोपी
- सलोनी महेश्वरी, बेमेतरा
- दिनेश बंजारे (35) बेमेतरा
- गोपाल खेलवार (25) दुर्ग, ड्राइवर
- चिनक राम साहू (38) बेमेतरा, षडयंत्र में शामिल था
इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140 (1), 140 (3), 351(3) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

टेंडर के लिए किया पद्मश्री फूलबासन का अपहरण, महिला ने रची थी पूरी साजिश
उचित सुरक्षा दी जाए- देवेंद्र यादव
वहीं कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शान, पद्मश्री सम्मानित फुलबासन बाई के साथ अपहरण की कोशिश बेहद चिंताजनक है। यह घटना साफ दर्शाती है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब एक पद्मश्री सम्मानित महिला खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं, तो आम बहनों-बेटियों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फिल्मी स्टाइल में किया था किडनैप
बेमेतरा निवासी खुशबू साहू अपने तीन साथियों (एक महिला और दो पुरुष) के साथ मंगलवार सुबह करीब 10 बजे फूलबासन बाई (56) के घर पहुंची। उन्होंने ‘जरूरी चर्चा का बहाना बनाकर फूलबासन बाई को घर से बाहर बुलाया। उनके साथ फोटो खिंचवाने और बर्थडे मनाने की बात कहकर अपनी कार में बैठा लिया। कार चलते ही आरोपियों ने उनके हाथ, पैर और मुंह में गमछा बांध दिया।
कार खैरागढ़ मार्ग पर चिखली पुलिस चौकी के सामने पहुंची तो रूटीन चेकिंग के लिए तैनात पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोका। हाथ-मुंह बंधा देखकर पुलिस को शक हुआ। आरोपियों ने मिर्गी का मरीज बताकर पुलिसकर्मियों को गुमराह करने की कोशिश की। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन को पहचान लिया। कार सवार आरोपियों को नीचे उताकर हिरासत में लिया।
अवैध वसूली की जानकारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी खुशबू साहू स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है। चार-पांच महीने से फूलबासन यादव के संपर्क में थी। बेमेतरा क्षेत्र में समूहों को रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर अवैध वसूली करती थी। अपहरण के पीछे की मंशा का अभी खुलासा नहीं है। मामला सुकुल दैहान चौकी क्षेत्र का होने के कारण आरोपियों को चिखली चौकी पुलिस ने सुकुल दैहान चौकी पुलिस को सौंप दिया। इधर रेस्क्यू के बाद फूलबासन का रोते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह भाजपा नेता मधुसूदन यादव को गले लगाकर रोते हुए कह रही है कि एकदम अकेले हो गई थी भैय्या।
