CG Prime News@दिल्ली.NEET Exam 2026 Cancelled Amid Allegations of Paper Leak पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। NTA ने कहा कि अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। नई तारीख बाद में जारी की जाएगी। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।
बिहार में NEET परीक्षा में सॉल्वर गैंग एक्टिव थी। 60 लाख रुपए में एक सीट की डील हुई थी। एग्जाम से ठीक पहले पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इसका मास्टरमाइंड एक MBBS स्टूडेंट था। नालंदा पुलिस ने गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार किया था।
डॉक्टर का बेटा समेत 4 गिरफ्तार
पुलिस ने जिन 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, उनमें सीतामढ़ी के डॉ. नरेश कुमार दास का बेटा हर्षराज, मुजफ्फरपुर का मनोज कुमार शामिल है। इसके अलावा बोचहां के गौरव कुमार और हथौरी थाना क्षेत्र के सुभाष कुमार को अरेस्ट किया गया था। चारों को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया गया है।
फीस वापस होगी, दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा
NTA ने जानकारी दी है कि स्टूडेंट्स को दोबारा परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। पिछले एग्जाम सेंटर्स में भी कोई बदलाव नहीं होगा। रीएग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे। इसके अलावा परीक्षा में शामिल छात्रों की फीस भी वापिस की जाएगी।
NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।
इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। अभी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।
2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था
2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।
