राजनांदगांव। थाना डोंगरगांव पुलिस ने गौवंश तस्करी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ के कुल 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। आरोपियों के कब्जे से कुल 09 नग कृषि उपयोगी गौवंश बरामद किए गए, जिनमें 08 जीवित एवं 01 मृत अवस्था में पाए गए।
रात्रि गश्त के दौरान मिली अहम सूचना
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के निर्देशानुसार पशु तस्करी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में थाना डोंगरगांव पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 03 फरवरी 2026 की रात रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को मोबाइल मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद बोलेरो पिकअप वाहन में गौवंश को ठूंस-ठूंस कर बिना चारा-पानी के कत्लखाने ले जाया जा रहा है।
घेराबंदी कर बोलेरो पिकअप रोकी
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर के नेतृत्व में ग्राम कुल्हाड़ी, भोजराज भंडारी के घर के पास गुडरदेही रोड पर घेराबंदी की गई। मौके से बोलेरो पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 09 नग गौवंश पाए गए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मवेशियों को महाराष्ट्र के मिस्प्री होते हुए हैदराबाद कत्लखाने ले जाया जा रहा था।
कानूनी धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11, बीएनएस की धारा 325 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जा रहा है।
पुलिस और नागरिकों की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, सउनि चौतुराम आर्य, प्रधान आरक्षक सुरेश सिंह राजपूत, आरक्षक बिसराम वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही घेराबंदी में स्थानीय नागरिकों योगेश साहू, राहुल सोनी एवं विजय वैष्णव का भी सराहनीय सहयोग मिला।
