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दिल्ली के सत्य निकेतन में हॉस्टल गिरने का खौफनाक मंजर

सत्य निकेतन के हॉस्टल की बिल्डिंग अचानक ढहने से छात्रों में मची अफरा-तफरी, मलबे में दबे नितेश छिब ने छोटे से गैप में फंसे रहकर बचाई जान; नीरज बावा गंभीर रूप से घायल, AIIMS ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी

by cgprimenews.com
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दिल्ली के सत्य निकेतन में हॉस्टल बिल्डिंग गिरने के बाद मलबे में फंसे छात्रों का रेस्क्यू

मलबे में 3-4 घंटे फंसे रहे छात्र; नितेश की ऐसे बची जान

पानी जैसी आवाज के कुछ सेकेंड बाद ढह गई पूरी बिल्डिंग

नई दिल्ली। The horrifying scene of a hostel collapse in Delhi’s Satya Niketan. दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हॉस्टल की इमारत गिरने की घटना ने वहां रह रहे छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के समय कई छात्र अपने कमरों में मौजूद थे। अचानक इमारत का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गया और छात्र भारी मलबे के नीचे फंस गए।

हादसे में 19 वर्षीय नितेश छिब और नीरज बावा भी मलबे में दब गए। नितेश के मुताबिक, घटना से ठीक पहले उसे और उसके पड़ोसी कमरे में रहने वाले नीरज को दीवार की ओर से पानी जैसी आवाज सुनाई दे रही थी। दोनों ने इस आवाज को लेकर एक-दूसरे से बात भी की। बातचीत के कुछ ही सेकेंड बाद इमारत ढह गई।

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लेंटर और मलबे के बीच बनी जगह ने बचाई नितेश की जान

इमारत गिरने के बाद नितेश भारी मलबे के नीचे फंस गया। उसके ऊपर लेंटर का हिस्सा आ गिरा था। हालांकि, मलबे और लेंटर के बीच एक छोटी सी खाली जगह बन गई। इसी जगह पर उसका चेहरा आ गया, जिससे वह सांस ले पा रहा था और बाहर मौजूद लोगों तक अपनी आवाज पहुंचा पा रहा था। नितेश ने इसके बाद नीरज को आवाज दी। दूसरी तरफ से नीरज ने दर्द में जवाब दिया कि उसे बहुत तकलीफ हो रही है। नीरज जिस हिस्से में फंसा था, वहां मलबा और धूल अधिक होने के कारण उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी।

नीरज ने दोस्त को फोन कर कहा- ‘मैं मर रहा हूं’

हादसे के करीब कुछ समय बाद नीरज ने अपने दोस्त वीर चतरथ को फोन किया। बातचीत के दौरान उसने अपनी गंभीर स्थिति बताई। दोनों के बीच कई बार फोन पर संपर्क हुआ। नीरज ने दोपहर के समय अपनी लाइव लोकेशन भी साझा की, लेकिन बाद में उसके फोन का जवाब नहीं मिला। दोस्तों और परिजनों ने घटनास्थल पहुंचकर उसे बचाने की कोशिश शुरू की। इस दौरान पुलिस और NDRF की टीमें भी राहत एवं बचाव अभियान में लगी रहीं। करीब 3 से 4 घंटे की मशक्कत के बाद नीरज को मलबे से बाहर निकाला गया।

नीरज की हालत गंभीर, AIIMS में हुई सर्जरी

रेस्क्यू के बाद नीरज को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे AIIMS ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। वहां रात में उसकी सर्जरी की गई। परिजनों के मुताबिक नीरज की पीठ, जांघ और पेट में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आगे भी उपचार व सर्जरी की तैयारी की जा रही है।

हादसे से पहले पड़ोसी हॉस्टल में भी दिखीं दरारें

घटना से कुछ मिनट पहले बगल के कनक लता हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने अपने कमरे की दीवार और छत में आई दरारों का वीडियो बनाया था। वीडियो में दीवारों पर बड़ी दरारें दिखाई दे रही थीं। छात्राओं ने आशंका जताई थी कि इमारत गिर सकती है। इस वीडियो ने हादसे से पहले भवन की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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