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देवउठनी एकादशी, आंध्र प्रदेश के मंदिर में भगदड़, 10 श्रद्धालुओं की मौत, 25 से ज्यादा घायल

मृतकों में 8 महिलाएं और 2 बच्चे हैं, 25 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@दिल्ली. Devuthani Ekadashi: 10 devotees killed in stampede at temple in Andhra Pradesh देवउठनी एकादशी पर आंध्र प्रदेश में बड़ा हादसा हो गया। यहां श्रीकाकुलम स्थित काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन के लिए लाइन पर लगे श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मचने से 10 लोगों की मौत हो गई। वहीं कई लोग घायल हो गए हैं। भगदड़ में मरने वालों ज्यादातार महिलाएं हैं। मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में 8 महिलाएं और 2 बच्चे हैं। 25 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

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देवउठनी एकादशी, आंध्र प्रदेश के मंदिर में भगदड़, 10 श्रद्धालुओं की मौत

मंदिर प्रशासन ने नहीं दी पुलिस को सूचना

श्रीकाकुलम के एसपी केवी महेश्वर रेड्डी ने बताया कि यह मंदिर निजी जमीन पर बना है। मंदिर के संचालक ने प्रशासन या पुलिस को आज के कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी थी। अगर पहले बताया जाता तो सुरक्षा के इंतजाम किए जा सकते थे।

आने-जाने का था एक ही रास्ता

स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर पहली मंजिल पर है। जिसका आने-जाने का रास्ता एक ही है। देवउठनी एकादशी पर सुबह से भारी भीड़ के दौरान रास्ता जाम हो गया। लोगों की धक्का-मुक्की की वजह से रेलिंग टूट गई। देखते ही देखते यहां पर श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई। भीड़ में कई महिलाएं जमीन पर गिर गई। बेहाशे हो गई। दम घुटने से मौत हो गई।

गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज

देवउठनी एकादशी पर आंध्र प्रदेश के मंदिर में हादसे के बाद सरकार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। एसपी महेश्वर रेड्डी ने बताया कि मंदिर के प्रशासक हरिमुकुंद पांडा पर गैर-इरादतन हत्या (बीएनएस की धारा 304) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

4 महीने पहले अगस्त में दर्शन के लिए खोला गया

काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को 4 महीने पहले अगस्त में दर्शन के लिए खोला गया था। मंदिर 13 एकड़ में फैला है। निर्माण में 10 साल लगे।

मंदिर के मालिक 95 साल के हरिमुकुंद पांडा हैं।

मंदिर की डिजाइन और स्थापत्य कला पूरी तरह तिरुमला श्री वेंकटेश्वर मंदिर से प्रेरित है।

निर्माण में पारंपरिक दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला का इस्तेमाल किया गया है।

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