Friday, April 10, 2026
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बर्थ डे पर अरेस्ट चैतन्य बघेल 170 दिन बाद जेल से रिहा, कांग्रेसियों ने मनाया जश्न

पूर्व सीएम भूपेश बघेल खुद चैतन्य बघेल को लेने के लिए रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@रायपुर.Chhattisgarh Liquor Scam छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में 6 महीने से जेल में बंद चैतन्य बघेल आखिरकार जमानत पर जेल से रिहा हो गए। शनिवार को पूर्व सीएम भूपेश बघेल खुद चैतन्य बघेल को लेने के लिए रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे। चैतन्य बघेल की रिहाई के साथ ही कार्यकर्ताओं ने जेल के सामने जमकर जश्न मनाया। चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। शुक्रवार को जमानत मिलने के बाद चैतन्य बघेल शनिवार शाम को जेल से बाहर आए।

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बर्थ डे पर अरेस्ट चैतन्य बघेल 170 दिन बाद जेल से रिहा, कांग्रेसियों ने मनाया जश्न

170 दिन बाद रिहाई

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से करीब 170 दिन बाद रिहा हुए। चैतन्य बघेल जेल से अपने घर के लिए निकले, लेकिन सड़क पर भीड़ से ट्रैफिक जाम हो गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जश्न मनाते हुए नजर आए। चैतन्य बघेल की रिहाई की खबर सुनते ही कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की है।

यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी

भूपेश बघेल ने कहा कि यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से ED, IT और EOW का दुरुपयोग किया गया, वह आज उजागर हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार की जांच एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया है।

बघेल ने कहा कि उनके बेटे की गिरफ्तारी एक साजिश के तहत की गई थी। आज उसे जमानत मिल गई है। चैतन्य की रिहाई उसके बेटे के जन्मदिन के दिन हुई, जबकि ED ने चैतन्य के जन्मदिन पर गिरफ्तारी कर खुशी में खलल डालने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके लिए बेहद खुशी का है।

ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे

प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB/EOW) की ओर से दर्ज केसों में मिली है। ED ने चैतन्य को पिछले साल जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था, जबकि भ्रष्टाचार के मामले में सितंबर में ACB ने उन्हें तब गिरफ्तार किया जब वे पहले से ही जेल में थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे। उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपए का लेन-देन व्यक्तिगत रूप से संभाला।

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