Sunday, November 1, 2026
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CG को मिली बड़ी सौगात, बिलासपुर-पेंड्रा रोड की 3 री और कटनी-पेंड्रा रोड की चौथी-रेलवे लाइन मंजूर

बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र से जुड़े रेल रूटों को मिलेगा फायदा, 4,790 गांवों की करीब 56 लाख आबादी को बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद

by Dakshi Sahu Rao
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बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र से जुड़े रेल रूटों को मिलेगा फायदा, 4,790 गांवों की करीब 56 लाख आबादी को बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद

CG Prime News@रायपुर. छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने बुधवार को रेलवे की तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 10,783 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रस्तावित कार्यों के पूरा होने के बाद करीब 656 किलोमीटर नया रेल नेटवर्क तैयार होगा। रेलवे ने सभी परियोजनाओं को वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण रेल रूटों को मिलेगा लाभ

इन परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण रेल मार्ग भी शामिल हैं। नई रेल लाइनों और मल्टीट्रैकिंग से मौजूदा रूटों पर ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की आवाजाही को भी सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

14 जिलों और 4,790 गांवों तक पहुंचेगा फायदा

रेलवे की इन तीन परियोजनाओं का दायरा पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ तक फैला है। कुल 14 जिलों को परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा। रेलवे के अनुसार करीब 4,790 गांवों की लगभग 56 लाख आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है। इससे परिवहन सुविधाओं के साथ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।


हर साल 27 मिलियन टन बढ़ेगी माल ढुलाई क्षमता

मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का एक बड़ा उद्देश्य रेल माल परिवहन की क्षमता बढ़ाना भी है। रेलवे के मुताबिक परियोजनाओं के बाद हर साल करीब 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढोने की क्षमता विकसित होगी। कोयला, सीमेंट, लौह अयस्क और स्टील जैसे प्रमुख औद्योगिक उत्पादों की आवाजाही में इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

12 करोड़ लीटर तेल और 62 करोड़ किलो कार्बन की बचत

रेल परिवहन की क्षमता बढ़ने से सड़क मार्ग से होने वाली माल ढुलाई पर दबाव कम हो सकता है। रेलवे के अनुमान के मुताबिक इन परियोजनाओं से करीब 12 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी। इसके साथ ही लगभग 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। रेलवे ने इस पर्यावरणीय लाभ को करीब 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर बताया है।

PM गति शक्ति के तहत पूरा होगा काम

तीनों परियोजनाओं को पीएम गति (PM) शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य रेल, सड़क और अन्य परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करना है। सरकार का लक्ष्य सभी स्वीकृत परियोजनाओं को वर्ष 2029-30 तक पूरा करना है। इससे छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में यात्री और माल परिवहन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

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