CG Prime News@भिलाई. minor gil gang rape case in durg दुर्ग में नाबालिग लड़की से पीडब्ल्यूडी विभाग (PWD Department) में नौकरी लगाने के नाम पर सात साल तक सामूहिक दुष्कर्म करने वाले दो आरोपी संजय पंडित और बीएन पांडेय ने शुक्रवार को दुर्ग कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दोनों आरोपी केस दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे थे। दुर्ग पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इससे पहले इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

घटना के बाद से फरार थे आरोपी
खाता फ्रिज किया तब जाकर किया सरेंडर
दुर्ग पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फरार आरोपी संजय पंडित का रेलवे में ठेका था। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी विभाग में भी ठेका लेकर काम करता था। नाबालिग ने जब सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई तब से वह फरार था। लगातार तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं मिला तो उसका बैंक अकाउंट फ्रीज किया गया। तब जाकर आरोपी संजय पंडित ने दुर्ग कोर्ट में सरेंडर किया।
पुणे में छिपा था बीएन पांडेय
गैंगरेप का एक और फरार आरोपी बीएन पांडेय पुणे में अपने भतीजे के घर छिपा था। जब दुर्ग पुलिस ने पुणे में रेड कार्रवाई की तो वह गोंदिया भाग निकला। जिसके बाद शुक्रवार को उसने भी दुर्ग कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सभी आरोपियों ने पीडि़ता के साथ पहले नौकरी लगाने के नाम पर सामूहिक दुष्कर्म किया। नौकरी लगने के बाद अश्लील वीडियो वायरल करने और नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर उसके साथ सामूहिक अनाचार किया।
सरकारी रेस्ट और सर्किट हाउस में किया पीडि़ता का शोषण
आरोपियों ने पिछले सात सालों से कभी उसे बिलासपुर के सर्किट हाउस में हवस का शिकार बनाया तो कभी पाटन सर्किट हाउस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। कभी होटल तो कभी लॉज यहां तक कि पीडि़ता के घर पर भी उसके साथ सामूहिक अनाचार किया। पीडि़ता ने जब शिकायत की तो सभी आरोपी फरार हो गए थे।
इन आरोपियों ने दिया गैंग रेप को अंजाम
1. गोविंद ठाकुर, पीडब्ल्यूडी का रिटायर्ड कर्मचारी
2. राजू कश्यप, पीडब्ल्यूडी विभाग में टाइम कीपर
3. बीएन पांडेय, बड़े राजनेता का पूर्व पीए
4. संजय पंडित, ठेकेदार
5. अनिल चौधरी, कारोबारी
6. विजय अग्रवाल
