CG Prime News@दुर्ग. साइबर ठगी के पैसों को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर खपाने के मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऐसे 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर कमीशन के बदले अपने बैंक खाते और बैंकिंग साधन साइबर अपराधियों या एजेंटों को उपलब्ध कराने का आरोप है। कार्रवाई थाना नेवई, पुरानी भिलाई, पाटन, भिलाई नगर, छावनी और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने की।
लाखों की साइबर ठगी की रकम का मिला ट्रांजैक्शन
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधों की जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के लेनदेन का विश्लेषण करने पर इन खातों में साइबर ठगी से जुड़ी लाखों रुपए से अधिक की रकम के ट्रांजैक्शन सामने आए। जांच में यह भी पता चला कि कुछ खाताधारकों ने आर्थिक लाभ के लिए अपने बैंक खाते, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल सिम दूसरे लोगों को इस्तेमाल के लिए दिए थे।
2 हजार से 15 हजार रुपए तक मिलता था कमीशन
पुलिस के मुताबिक, खाताधारकों को बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले कथित तौर पर 2,000 से 15,000 रुपए तक कमीशन या अन्य आर्थिक लाभ दिया जाता था। वहीं, बैंकिंग दस्तावेज और साधन आगे उपलब्ध कराने वाले एजेंटों को 15,000 से 20,000 रुपए तक कमीशन मिलने की जानकारी जांच में सामने आई है। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को कई खातों के जरिए आगे ट्रांसफर करने और रकम के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था।

इन थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
दुर्ग पुलिस ने 7 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग मामलों से जुड़े 8 आरोपियों पर कार्रवाई की। इनमें नेवई थाना क्षेत्र से 3, भिलाई नगर से 2 और पुरानी भिलाई, पाटन तथा छावनी से एक-एक आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महादेव साहू, पीलू खिलाड़ी, विराज कुमार पोल, नीरज कुमार प्रसाद, राबिन सिंह, विशु बंजारे, नवीन ठाकुर और टिकेश्वर प्रसाद चन्द्राकर के रूप में हुई है।
पासबुक, ATM कार्ड और सिम समेत सामग्री जब्त
पुलिस ने आरोपियों से बैंक खातों से संबंधित पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। संबंधित मामलों में BNS की धारा 318(2), 318(3) और 317(4) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

