रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल
West Bengal में 2026 विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए, जिसमें कुल 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पहले चरण में 93.13% और दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग हुई। यह आंकड़ा राज्य के इतिहास में सबसे अधिक मतदान में से एक माना जा रहा है। भारी मतदान के बाद अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
टुडेज चाणक्या एग्जिट पोल का दावा
Today’s Chanakya के एग्जिट पोल के अनुसार राज्य में Bharatiya Janata Party को 192 सीटें मिलने का अनुमान है, जो स्पष्ट बहुमत की ओर इशारा करता है। वहीं All India Trinamool Congress को 100 सीटें और अन्य दलों को 2 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वोट शेयर के लिहाज से BJP को 48%, TMC को 38% और अन्य को 14% वोट मिलने का अनुमान है।
दलित-OBC वोट बना निर्णायक फैक्टर
सर्वे के अनुसार BJP को दलित और OBC वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है, जो इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। पार्टी ने पिछले कुछ वर्षों में इन वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति अपनाई थी, जिसका असर इस एग्जिट पोल में दिखता है।
ममता बनर्जी के लिए ‘अग्निपरीक्षा’
Mamata Banerjee के लिए यह चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। करीब 15 वर्षों से सत्ता में रहने के बाद यह चुनाव उनके नेतृत्व और संगठन की परीक्षा है।
उन्होंने एग्जिट पोल पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने की कोशिश है। TMC ने दावा किया है कि पार्टी 226 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी।
BJP का ‘अधूरा लक्ष्य’
Bharatiya Janata Party के लिए बंगाल अब भी एक बड़ा राजनीतिक लक्ष्य बना हुआ है। 2011 में करीब 4% वोट शेयर से बढ़कर 2019 में 40% तक पहुंचने और 2021 में 77 सीटें जीतने के बाद पार्टी इस बार सत्ता हासिल करने के प्रति आश्वस्त दिख रही है।
