Monday, November 2, 2026
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सड़क निर्माण में लगे 8 मजदूरों की मौत, कुछ समझ पाते इससे पहले बिछ गईं लाशें

हादसा झुंझुनूं के उदयपुरवाटी के छापोली गांव में सुबह 10 बजे हुआ। इस हादसे में 5 अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलस गए है।

by Dakshi Sahu Rao
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झुंझुनूं के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान हुए करंट हादसे के बाद घटनास्थल।

CG Prime News@जयपुर. राजस्थान में सोमवार को सड़क निर्माण में लगे 8 मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा झुंझुनूं के उदयपुरवाटी के छापोली गांव में सुबह 10 बजे हुआ। वहीं इस हादसे में 5 अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलस गए है। उदयपुरवाटी एसएचओ रामपाल ने बताया- हादसा छापोली-कदंब कुंड मार्ग पर सीकर-नीमकाथाना स्टेट हाईवे से करीब 150 मीटर दूर हुआ।

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हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई मशीन

रोड़ी-बजरी मिलाने के काम में आने वाली मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। इससे उसमें करंट फैल गया। वहां काम कर रहे मजदूर करंट की चपेट में आ गए। हाईवोल्टेज लाइन का तार रोड़ी-बजरी (कंक्रीट) मिक्सर मशीन के हाइड्रोलिक जैक से टच हुआ था। घटना के बाद ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। 7 घंटे बाद शाम 5 बजे मुआवजा और संविदा पर नौकरी के आश्वासन के बाद धरना खत्म कर दिया।


मंत्री बोले-बिना प्रस्ताव बन रही थी सड़क

इधर मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने हादसे को लेकर कहा कि सड़क का निर्माण सरकारी की योजना में नहीं हो रहा था। चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने सार्वजनिक तौर पर अपने स्तर पर यह निर्माण करने का निर्णय लिया होगा। ये वन विभाग की जमीन पर सड़क बन रही थी। ये मुख्य रास्ता होता तो लोग पंचायत के मार्फत या व्यक्तिगत स्तर पर डायवर्जन के प्रस्ताव भिजवाते तो यह हादसा ही नहीं होता। हादसे के कारणों की जांच चल रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

धार्मिक स्थान पर रास्ता जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा-इस देश में सबसे बड़ी समस्या ये है कि नियमों के हिसाब से कोई नहीं चलना चाहता है। सालों पुराना रास्ता है तो प्रस्ताव जाता तो कभी भी डायवर्जन हो सकता था। रास्ता सरकार के स्तर पर भी बन सकता था।

15-15 लाख मुआवजा देने पर सहमति

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- मृतकों के आश्रितों को अलग-अलग योजनाओं में 15 लाख मुआवजा और एक-एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी है। विकास अधिकारी और तहसीलदार को राजस्थान और केंद्र सरकार की योजनाओं में लाभ देने के लिए कहा है। वन विभाग की जमीन पर बन रहे इस रास्ते को लेकर झुंझुनूं के डीएफओ को निर्देश दिए है कि संबंधित जनप्रतिनिधि से संपर्क कर रास्ते के डायवर्जन के प्रस्ताव को पोर्टल पर अपलोड करें। बातचीत के बाद परिजन शव लेने को तैयार हो गए और धरना खत्म कर दिया।

जिला कलेक्टर मौके पर पहुंचे

हादसे की जानकारी मिलने पर झुंझुनूं कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग, एसपी कावेंद्र सिंह सागर, विधायक भगवानाराम सैनी, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, गुर्जर नेता रविंद्र सिंह भडाना सहित कई लोग मौके पर पहुंचे।

यहां के रहने वाले हैं मृतक

हादसे में हालेड़ा मंडावरा निवासी हरिराम गुर्जर (30), मंगलचंद गुर्जर (22), कालूराम गुर्जर (29) और पवन गुर्जर (23), छापोली निवासी विष्णु सैनी (38), सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30), मुकेश सैनी (27) और फतेहचंद सैनी (32) की मौत हो गई।

पहले रास्ते से दूर थी 11केवी लाइन

हादसे के बाद ग्रामीण धरने पर बैठे हुए थे। इसी दौरान ग्रामीण रोहिताश्व ने बताया- 11केवी की लाइन पहले रास्ते से दूर थी, लेकिन कुछ दिन पहले इस लाइन को बदलकर रास्ते के ऊपर से लिया गया था। तार नीचे होने के कारण ये बड़ा हादसा हो गया।

 

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